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Jalaun News: पर्यटन स्थलों का विकास कभी नहीं बन पाया मुद्दा
Sun, 28 Apr 2024 02:18 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sun, 28 Apr 2024 02:18 AM IST
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उरई। बुंदेली कहानियों और पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों की भरमार वाली जालौन-गरौठा-भोगनीपुर संसदीय सीट, पर्यटन के दृष्टिकोण से खुद के संवरने का इंतजार कर रही है। पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे जिले के अधिकतर पौराणिक और धार्मिक स्थल दिन बहुरने का इंतजार कर रहे हैं। आजादी के बाद से सरकारें बनती रहीं, निजाम बदलते रहे, विकास के वादों की बयार भी बही लेकिन जिले की इन धरोहरों पर जमी धूल की परत आज तक नहीं हट सकी है।
लेकिन अपने इतिहास में कई महत्वपूर्ण स्थल और कहानियां समेटे जालौन की पौराणिक धरोहरें लखनऊ तक अपनी आवाज पहुंचाने में नाकाम रहीं। यहां के पौराणिक स्थल आज भी खुद को नए कलेवर में देखने की राह ताक रहे हैं। सूबे की भाजपा सरकार ने पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की बात कही थी इसके बाद भी इस चुनाव में पर्यटन स्थल का विकास कोई मुद्दा नहीं बन सका। भाजपा के सांसद व केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप की सरपरस्ती में भी जनपद के पर्यटन स्थल आज भी उपेक्षित हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर सरकार के नुमाइंदों की नजर जाती तो शायद क्षेत्र के विकास को एक नई पहचान मिल जाती। स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ पानी, बिजली, सड़क जैसे मूलभूत मुद्दों की समस्या भी काफी हद तक सुधर जाती।
महाभारत के रचनाकार महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली व तेज दिमाग वाले बीरबल के रंग महल से जानी जाने वाली कालपी व पचनद को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग सालों से गूंजती रही है लेकिन राजनीतिक गलियारों में पर्यटन ना तो कभी मुद्दा बना और ना ही किसी प्रत्याशी की सोच का हिस्सा। जातीय समीकरणों, दावों और वायदों के आधार पर लड़े गए चुनाव जीत हार का कारण बनते रहे लेकिन पौराणिक और धार्मिक स्थलों को सहेजने और संवारने की सुध किसी को नहीं रही। जिसकी वजह से आज भी जन्म स्थल और पचनद दोनों सूने पड़े हैं।
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क्षेत्र के नरेंद्र चंदेल, रंजीत यादव आदि का कहना है कि यदि क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को ही मुद्दा बनाकर प्रत्याशी चुनाव लड़े तो पानी बिजली और सड़क के झूठे वादे भी नहीं करने पड़ेंगे क्योंकि जब पर्यटन स्थल विकसित होंगे तो स्वाभाविक है कि विदेशी पर्यटकों का आना-जाना भी होगा। इससे न सिर्फ इलाकों की मूलभूत सुविधाएं स्वयं ही ठीक हो जाएंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए जो बाजार तैयार होगा वह यहां के लोगों को रोजगार भी देगा, जिससे युवाओं का पलायन भी थम जाएगा। (संवाद)
चुनिंदा पर्यटन स्थल
1- रानी लक्ष्मीबाई का किला
2- श्री बाल व्यास मंदिर
3- अंग्रेजों का कब्रिस्तान
4- प्राचीन सूर्य मंदिर
5- रावण की लंका मीनार
6- बीरबल का रंग महल
7- प्राचीन चौरासी गुंबद
8-प्राचीन यमुना के सुरम्य घाट
9- खानकहा शरीफ दरगाह
पचनद के प्रमुख स्थल
1- पांच नदियों का संगम स्थल
2-बाबा साहब का मंदिर
3- रामपुर का किला
4- हेरिटेज होटल
एट के पर्यटक स्थल
1- सिला घाट
2- बैरागढ़ मंदिर
3- अक्षरा धाम
4- रक्तदंतिका मंदिर
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लेकिन अपने इतिहास में कई महत्वपूर्ण स्थल और कहानियां समेटे जालौन की पौराणिक धरोहरें लखनऊ तक अपनी आवाज पहुंचाने में नाकाम रहीं। यहां के पौराणिक स्थल आज भी खुद को नए कलेवर में देखने की राह ताक रहे हैं। सूबे की भाजपा सरकार ने पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की बात कही थी इसके बाद भी इस चुनाव में पर्यटन स्थल का विकास कोई मुद्दा नहीं बन सका। भाजपा के सांसद व केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप की सरपरस्ती में भी जनपद के पर्यटन स्थल आज भी उपेक्षित हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर सरकार के नुमाइंदों की नजर जाती तो शायद क्षेत्र के विकास को एक नई पहचान मिल जाती। स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ पानी, बिजली, सड़क जैसे मूलभूत मुद्दों की समस्या भी काफी हद तक सुधर जाती।
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महाभारत के रचनाकार महर्षि वेदव्यास की जन्मस्थली व तेज दिमाग वाले बीरबल के रंग महल से जानी जाने वाली कालपी व पचनद को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग सालों से गूंजती रही है लेकिन राजनीतिक गलियारों में पर्यटन ना तो कभी मुद्दा बना और ना ही किसी प्रत्याशी की सोच का हिस्सा। जातीय समीकरणों, दावों और वायदों के आधार पर लड़े गए चुनाव जीत हार का कारण बनते रहे लेकिन पौराणिक और धार्मिक स्थलों को सहेजने और संवारने की सुध किसी को नहीं रही। जिसकी वजह से आज भी जन्म स्थल और पचनद दोनों सूने पड़े हैं।
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क्षेत्र के नरेंद्र चंदेल, रंजीत यादव आदि का कहना है कि यदि क्षेत्र के पर्यटन स्थलों को ही मुद्दा बनाकर प्रत्याशी चुनाव लड़े तो पानी बिजली और सड़क के झूठे वादे भी नहीं करने पड़ेंगे क्योंकि जब पर्यटन स्थल विकसित होंगे तो स्वाभाविक है कि विदेशी पर्यटकों का आना-जाना भी होगा। इससे न सिर्फ इलाकों की मूलभूत सुविधाएं स्वयं ही ठीक हो जाएंगी बल्कि देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए जो बाजार तैयार होगा वह यहां के लोगों को रोजगार भी देगा, जिससे युवाओं का पलायन भी थम जाएगा। (संवाद)
चुनिंदा पर्यटन स्थल
1- रानी लक्ष्मीबाई का किला
2- श्री बाल व्यास मंदिर
3- अंग्रेजों का कब्रिस्तान
4- प्राचीन सूर्य मंदिर
5- रावण की लंका मीनार
6- बीरबल का रंग महल
7- प्राचीन चौरासी गुंबद
8-प्राचीन यमुना के सुरम्य घाट
9- खानकहा शरीफ दरगाह
पचनद के प्रमुख स्थल
1- पांच नदियों का संगम स्थल
2-बाबा साहब का मंदिर
3- रामपुर का किला
4- हेरिटेज होटल
एट के पर्यटक स्थल
1- सिला घाट
2- बैरागढ़ मंदिर
3- अक्षरा धाम
4- रक्तदंतिका मंदिर