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किशोरी की हत्या निकली आनर किलिंग
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 22 Jul 2016 11:05 PM IST
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पुलिस हिरासत में किशोरी की हत्या के आरोपी दादा खेमचंद राजपूत, पिता ओमनारायण, चाचा राजबीर, रविकांत, बिक्रम राजपूत, रिश्तेदार मोहित निवासी मुहम्मदाबाद व मृतका की मां कमलेश कुमारीव श्रीचंद।
- फोटो : अमर उजाला
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डकोर थाना क्षेत्र के गांव मुहम्मदाबाद में हुई हत्या आखिर आनर किलिंग ही निकली। अमर उजाला पहले ही दिन से इस बात की आशंका जता रहा था। डकोर व कोटरा थाना पुलिस ने पिता सहित आठ परिजनों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इन लोगों ने ही प्रेमी से बात करने पर अपनी ही बेटी की जान ले ली थी। दो दिन पहले डकोर थाना क्षेत्र के
गांव मुहम्मदाबाद निवासी हाईस्कूल की छात्रा निशा (15) का शव उसी के जानवराें वाले बाड़े में जली हुई अवस्था में मिला था। पिता ओमनरायण राजपूत ने पुलिस को दी तहरीर में बेटी के आत्महत्या करने की बात कही थी। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी आला पुलिस अधिकारियाें के साथ मौके पर पहुंचे व थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन को मामले के खुलासे के निर्देश
दिए थे। मौका ए वारदात पर मिले निशान छात्रा की आनर किलिंग की ओर इशारा कर रहे थे। इस बात को अमर उजाला ने भी स्पष्ट किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद तो मामला लगभग साफ हो गया था। शुक्र वार को एसपी ने बताया कि निशा का किसी युवक से प्रेम प्रसंग था। वह उससे मोबाइल पर बात करती थी। इसकी
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जानकारी जब परिजनाें को हुई तो उन्हाेंने उसे समझाया लेकिन वह नहीं मानी। इससे खफा परिजनाें ने उसकी हत्या करने की योजना बनाई। दादा खेमचंद राजपूत, पिता ओमनारायण, चाचा राजबीर, रविकांत, बिक्रम राजपूत, रिश्तेदार मोहित निवासी मुहम्मदाबाद, निशा की मां कमलेश कुमारी व श्रीचंद योजना के तहत निशा को जानवराें वाले घर
में ले गए और वहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उसे उपलाें में रखकर जला दिया लेकिन गांव में इसकी भनक लगने के कारण मामला खुल गया। इस पर परिजनों ने आत्महत्या की तहरीर दी। पुलिस की जांच व साक्ष्याें के आधार पर पुलिस ने हत्या व हत्या की साजिश में आठ परिजनाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी ने मामले के खुलासा करने वाली टीम में कोटरा थानाध्यक्ष एके सिंह, थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन, दरोगा जाकिर हुसैन, केशव दयाल आदि को बधाई दी है।
बेटी को मारने में नहीं कांपे हाथ
जिस बेटी को पाल पोसकर बड़ा किया। उसी बेटी की जरा सी गलती पर परिजनों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद भी परिवार वाले इस तरह दिखाते रहे मानो घर में कुछ हुआ ही न हो। चेहरे पर कोई शिकन नहीं। शुक्रवार को जब आरोपियाें को पुलिस ने पकड़ा और थाने ले आई तो भी परिजनों के चहरे पर कोई दुख का भाव नहीं था।
पहले भी हो चुकी आनर किलिंग की वारदातें
उरई। इससे पहले वर्ष 2014 में जालौन निवासी एक पिता ने अपनी दो बेटियाें को दलित से प्रेम करने पर मौत के घाट उतार दिया था और शवाें को सिरसाकलार थाना के दमरास गांव के पास नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले भी कई और वारदातेें उरई व माधौगढ़ थाने में हो चुकी है।
आपराधिक प्रवृति का है परिवार
खेमचंद का अपराधाें से पुराना सरोकार है। उसने एक साल पहले ही मौरंग के विवाद में उरई के इंद्रानगर निवासी एक युवक को घर में घुसकर गोली मार दी थी। इसमें खेमचंद व उसके पुत्र ओमनारायण को गिरफ्तार किया गया था। उस पर मौरंग खदानाें पर कब्जे को लेकर कई वार फायरिंग का भी आरोप लगा है।
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गांव मुहम्मदाबाद निवासी हाईस्कूल की छात्रा निशा (15) का शव उसी के जानवराें वाले बाड़े में जली हुई अवस्था में मिला था। पिता ओमनरायण राजपूत ने पुलिस को दी तहरीर में बेटी के आत्महत्या करने की बात कही थी। एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी आला पुलिस अधिकारियाें के साथ मौके पर पहुंचे व थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन को मामले के खुलासे के निर्देश
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दिए थे। मौका ए वारदात पर मिले निशान छात्रा की आनर किलिंग की ओर इशारा कर रहे थे। इस बात को अमर उजाला ने भी स्पष्ट किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद तो मामला लगभग साफ हो गया था। शुक्र वार को एसपी ने बताया कि निशा का किसी युवक से प्रेम प्रसंग था। वह उससे मोबाइल पर बात करती थी। इसकी
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जानकारी जब परिजनाें को हुई तो उन्हाेंने उसे समझाया लेकिन वह नहीं मानी। इससे खफा परिजनाें ने उसकी हत्या करने की योजना बनाई। दादा खेमचंद राजपूत, पिता ओमनारायण, चाचा राजबीर, रविकांत, बिक्रम राजपूत, रिश्तेदार मोहित निवासी मुहम्मदाबाद, निशा की मां कमलेश कुमारी व श्रीचंद योजना के तहत निशा को जानवराें वाले घर
में ले गए और वहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उसे उपलाें में रखकर जला दिया लेकिन गांव में इसकी भनक लगने के कारण मामला खुल गया। इस पर परिजनों ने आत्महत्या की तहरीर दी। पुलिस की जांच व साक्ष्याें के आधार पर पुलिस ने हत्या व हत्या की साजिश में आठ परिजनाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी ने मामले के खुलासा करने वाली टीम में कोटरा थानाध्यक्ष एके सिंह, थानाध्यक्ष जाकिर हुसैन, दरोगा जाकिर हुसैन, केशव दयाल आदि को बधाई दी है।
बेटी को मारने में नहीं कांपे हाथ
जिस बेटी को पाल पोसकर बड़ा किया। उसी बेटी की जरा सी गलती पर परिजनों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद भी परिवार वाले इस तरह दिखाते रहे मानो घर में कुछ हुआ ही न हो। चेहरे पर कोई शिकन नहीं। शुक्रवार को जब आरोपियाें को पुलिस ने पकड़ा और थाने ले आई तो भी परिजनों के चहरे पर कोई दुख का भाव नहीं था।
पहले भी हो चुकी आनर किलिंग की वारदातें
उरई। इससे पहले वर्ष 2014 में जालौन निवासी एक पिता ने अपनी दो बेटियाें को दलित से प्रेम करने पर मौत के घाट उतार दिया था और शवाें को सिरसाकलार थाना के दमरास गांव के पास नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले भी कई और वारदातेें उरई व माधौगढ़ थाने में हो चुकी है।
आपराधिक प्रवृति का है परिवार
खेमचंद का अपराधाें से पुराना सरोकार है। उसने एक साल पहले ही मौरंग के विवाद में उरई के इंद्रानगर निवासी एक युवक को घर में घुसकर गोली मार दी थी। इसमें खेमचंद व उसके पुत्र ओमनारायण को गिरफ्तार किया गया था। उस पर मौरंग खदानाें पर कब्जे को लेकर कई वार फायरिंग का भी आरोप लगा है।