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Jalaun News: मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाई किसानों की चिंता, हरी धान की फसल कटवाने लगे
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फोटो - 14 मौसम का मिजाज बदल जाने से हार्वेस्टर से धान की कटाई करवाते किसान। संवाद
- फोटो : Samvad
उरई। मौसम के बदले मिजाज ने धान किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल को बारिश से बचाने के लिए किसान जल्दबाजी में कटाई कराने लगे हैं। कहीं फसल पूरी तरह पकने का इंतजार किए बिना ही हार्वेस्टर चलवाया जा रहा है तो कहीं किसान कटी हुई धान की फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हैं। किसानों को डर है कि यदि बारिश तेज हुई तो खेतों में खड़ी फसल के साथ कटी हुई धान भी खराब हो सकती है। ऐसे में नुकसान से बचने के लिए किसान हरी फसल की कटाई कराने का जोखिम उठा रहे हैं। उनका कहना है कि फसल को बाद में सुखा लेंगे, लेकिन बारिश में भीगने से होने वाले नुकसान से बचना जरूरी है।
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्णव का असर जिले के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। बुधवार को आसमान में बादल छाए रहे, जबकि बृहस्पतिवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए इस बदलाव ने उन किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है, जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। ऐसे में मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका से बड़ी संख्या में किसान फसल समेटने की जल्दी में हैं।
किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय खेतों में खड़ी है। यदि कटाई में देरी की और इसी बीच बारिश तेज हो गई तो फसल को संभालना मुश्किल हो जाएगा। खेतों में पानी भरने और कटी फसल के भीगने से नुकसान की आशंका है। इसी डर से कई किसान फसल पूरी तरह सूखने और पकने का इंतजार करने के बजाय हार्वेस्टर से कटाई करा रहे हैं। उनका मानना है कि नमी वाली फसल को बाद में सुखाने का इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन बारिश से फसल खराब हो गई तो लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
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किसानों के सामने परेशानी यह भी है कि धान की कटाई के बाद उसे सुखाने और सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे। इसके बावजूद वे मौसम साफ होने का इंतजार करने के बजाय फसल को खेत से निकालने को प्राथमिकता दे रहे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि शुक्रवार को बारिश हुई तो कटाई का काम प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि मौसम में मामूली बदलाव के बाद भी खेतों में कटाई की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
शुक्रवार तक ही रह सकता है चक्रवात का असर
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी के अनुसार, चक्रवात अर्णव के प्रभाव से जिले में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन फिलहाल अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। शुक्रवार तक इसका असर रहने का अनुमान है। इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जिले का अधिकतम तापमान गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। शुक्रवार के बाद बारिश की संभावना भी नहीं जताई गई है।
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बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्णव का असर जिले के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। बुधवार को आसमान में बादल छाए रहे, जबकि बृहस्पतिवार को दिन में हल्की बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए इस बदलाव ने उन किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है, जिनकी धान की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। ऐसे में मौसम का मिजाज बिगड़ने की आशंका से बड़ी संख्या में किसान फसल समेटने की जल्दी में हैं।
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किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय खेतों में खड़ी है। यदि कटाई में देरी की और इसी बीच बारिश तेज हो गई तो फसल को संभालना मुश्किल हो जाएगा। खेतों में पानी भरने और कटी फसल के भीगने से नुकसान की आशंका है। इसी डर से कई किसान फसल पूरी तरह सूखने और पकने का इंतजार करने के बजाय हार्वेस्टर से कटाई करा रहे हैं। उनका मानना है कि नमी वाली फसल को बाद में सुखाने का इंतजाम किया जा सकता है, लेकिन बारिश से फसल खराब हो गई तो लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
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किसानों के सामने परेशानी यह भी है कि धान की कटाई के बाद उसे सुखाने और सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे। इसके बावजूद वे मौसम साफ होने का इंतजार करने के बजाय फसल को खेत से निकालने को प्राथमिकता दे रहे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि शुक्रवार को बारिश हुई तो कटाई का काम प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि मौसम में मामूली बदलाव के बाद भी खेतों में कटाई की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
शुक्रवार तक ही रह सकता है चक्रवात का असर
मौसम वैज्ञानिक विस्टर जोशी के अनुसार, चक्रवात अर्णव के प्रभाव से जिले में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, लेकिन फिलहाल अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। शुक्रवार तक इसका असर रहने का अनुमान है। इस दौरान हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम साफ रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जिले का अधिकतम तापमान गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तापमान में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है। शुक्रवार के बाद बारिश की संभावना भी नहीं जताई गई है।