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सात एंबुलेंस की मिली सौगात
Jalaun
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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उरई (जालौन)। गर्भवती महिला और नवजात शिशु बीमार हैं तो उन्हें अस्पताल पहुंचाना अब और सरल हो गया है। केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त पहल पर जिले को नेशनल एंबुलेंस सर्विस 102 नंबर की सात वैनों की सौगात मिली है। सदर विधायक और डीएम ने संयुक्त रूप से सातों एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। चालकों को सख्त हिदायत दी कि फोन मिलते ही तत्काल बताए गए पते पर पहुंचे और मरीज को अस्पताल लाने ले जाने का काम करें।
कलेक्ट्रेट परिसर से नेशनल एंबुलेंस सर्विस की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि सूबे की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। इस योजना का लाभ हर तबके के व्यक्ति को मिलेगा। ग्रामीण अंचल में किसी के शिशु की तबियत खराब होती है तो वह 102 नंबर डायल करे। उसके घर एंबुलेंस पहुंचेगी और बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र लाएगी। इसके लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। डीएम रामगणेश ने गाड़ी का निरीक्षण किया और एसीएमओ डाक्टर जीएस कुशवाहा से पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस के चालकों से कहा कि उनके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। अच्छा व्यवहार रखने की भी सीख देते हुए कहा कि समय पर गाड़ी की सर्विस और कमियों को दूर कराते रहें।
इस दौरान सीएमओ डाक्टर डीसी गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीलाल, सपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव बजरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह यादव, सत्यपाल शर्मा, भानू राजपूत, भानु प्रकाश वर्मा, कमलेश आदि मौजूद रहे।
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यहां उपलब्ध रहेंगी एंबुलेंस
जिला महिला चिकित्सालय में दो, रामपुरा सीएचसी, डकोर, पिंडारी, बावई व नदीगांव में एक-एक एंबुलेंस रहेंगी।
इन मौकों पर डायल करें 102 नंबर
- गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो या फिर वापस घर लाना हो।
- 30 दिन तक के नवजात शिशु के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल लाना या ले जाना हो।
- गर्भवती महिला व नवजात शिशु को अस्पताल से उच्च अस्पताल ले जाना हो।
तीन बातें रखें ध्यान
- इस सुविधा का लाभ सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिला को ही मिलेगा।
- एंबुलेंस की सुविधा के लिए 102 नंबर पर करें संपर्क।
- जच्चा-बच्चा के अलावा अन्य मरीज अथवा व्यक्ति को सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
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कलेक्ट्रेट परिसर से नेशनल एंबुलेंस सर्विस की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय सदर विधायक दयाशंकर वर्मा ने कहा कि सूबे की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। इस योजना का लाभ हर तबके के व्यक्ति को मिलेगा। ग्रामीण अंचल में किसी के शिशु की तबियत खराब होती है तो वह 102 नंबर डायल करे। उसके घर एंबुलेंस पहुंचेगी और बच्चे को स्वास्थ्य केंद्र लाएगी। इसके लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। डीएम रामगणेश ने गाड़ी का निरीक्षण किया और एसीएमओ डाक्टर जीएस कुशवाहा से पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस के चालकों से कहा कि उनके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। अच्छा व्यवहार रखने की भी सीख देते हुए कहा कि समय पर गाड़ी की सर्विस और कमियों को दूर कराते रहें।
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इस दौरान सीएमओ डाक्टर डीसी गुप्ता, नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीलाल, सपा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव बजरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह यादव, सत्यपाल शर्मा, भानू राजपूत, भानु प्रकाश वर्मा, कमलेश आदि मौजूद रहे।
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यहां उपलब्ध रहेंगी एंबुलेंस
जिला महिला चिकित्सालय में दो, रामपुरा सीएचसी, डकोर, पिंडारी, बावई व नदीगांव में एक-एक एंबुलेंस रहेंगी।
इन मौकों पर डायल करें 102 नंबर
- गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो या फिर वापस घर लाना हो।
- 30 दिन तक के नवजात शिशु के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल लाना या ले जाना हो।
- गर्भवती महिला व नवजात शिशु को अस्पताल से उच्च अस्पताल ले जाना हो।
तीन बातें रखें ध्यान
- इस सुविधा का लाभ सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिला को ही मिलेगा।
- एंबुलेंस की सुविधा के लिए 102 नंबर पर करें संपर्क।
- जच्चा-बच्चा के अलावा अन्य मरीज अथवा व्यक्ति को सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।