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46 हजार किशोरियों की जांच, दो एएनएम का रोका वेतन
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उरई। पोषण पखवाड़े के अंतर्गत किशोरियों व बालिकाओं में एनीमिया की समस्या के समाधान के लिए 277 उप केंद्रों व 14 नगरीय आंगनबाड़ी केंद्रों पर बूथ बनाकर 46 हजार किशोरियों की हीमोग्लोबिन, लंबाई, ऊंचाई की जांच की गई और उन्हें नीली आयरन की गोली खिलाई गई। एक एएनएम के नदारद होने पर दूसरे का केंद्र बंद होने पर दोनों एएनएम का वेतन रोककर जवाब मांगा गया है।
बता दें कि 8 से 22 मार्च तक भारत सरकार की ओर से पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा हैं, इसके तहत 11 से 14 साल तक की किशोरियों को एनीमिया से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाकर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। शुक्रवार को पहले दिन बूथ दिवस पर 277 स्वास्थ्य उप केंद्रों पर किशोरियों को लंबाई, ऊंचाई व उनके हीमोग्लोबिन की जांच की गई।
इस दौरान स्कूल जाने वाली 46 हजार व स्कूल न जाने वाली 1800 किशोरियों की जांच की गई उन्हें आयरन की नीली गोली दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि 277 स्वास्थ्य उप केंद्रों के अलावा 14 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बनाकर किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही किशोरियों को खानपान, स्वच्छता व सफाई के प्रति जागरूक किया गया।
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सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि कदौरा ब्लाक के उसरगांव, छौंक व डकोर ब्लाक के राहिया उपकेंद्र का निरीक्षण किया। जबकि जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश ने कैथेरी, गिरथान, सोमई, एट के उपकेंद्रों का निरीक्षण किया और बूथ दिवस पर चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हर किशोरी को हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। किशोरियों व बालिकाओं के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।
अब 4 मार्च बाद आठ जुलाई को और फिर छह माह बाद 8 जनवरी को यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में आईसीडीएस, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उधर पोषण अभियान के अंतर्गत सीएमओ के निरीक्षण में उसरगांव केंद्र पर एएनएम नहीं मिली। जबकि एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश के निरीक्षण में एट केंद्र बंद मिला। इस पर उसरगांव व एट की एएनएम का वेतन रोकते हुए उनसे जवाब तलब किया गया।
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बता दें कि 8 से 22 मार्च तक भारत सरकार की ओर से पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा हैं, इसके तहत 11 से 14 साल तक की किशोरियों को एनीमिया से मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है। पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाकर विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएगी। शुक्रवार को पहले दिन बूथ दिवस पर 277 स्वास्थ्य उप केंद्रों पर किशोरियों को लंबाई, ऊंचाई व उनके हीमोग्लोबिन की जांच की गई।
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इस दौरान स्कूल जाने वाली 46 हजार व स्कूल न जाने वाली 1800 किशोरियों की जांच की गई उन्हें आयरन की नीली गोली दी गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि 277 स्वास्थ्य उप केंद्रों के अलावा 14 नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर अतिरिक्त बूथ बनाकर किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही किशोरियों को खानपान, स्वच्छता व सफाई के प्रति जागरूक किया गया।
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सीएमओ डा. अल्पना बरतारिया ने बताया कि कदौरा ब्लाक के उसरगांव, छौंक व डकोर ब्लाक के राहिया उपकेंद्र का निरीक्षण किया। जबकि जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश ने कैथेरी, गिरथान, सोमई, एट के उपकेंद्रों का निरीक्षण किया और बूथ दिवस पर चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि हर किशोरी को हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। किशोरियों व बालिकाओं के हीमोग्लोबिन की जांच के लिए यह अभियान लगातार चलाया जाएगा।
अब 4 मार्च बाद आठ जुलाई को और फिर छह माह बाद 8 जनवरी को यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में आईसीडीएस, स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उधर पोषण अभियान के अंतर्गत सीएमओ के निरीक्षण में उसरगांव केंद्र पर एएनएम नहीं मिली। जबकि एसीएमओ डा. सत्यप्रकाश के निरीक्षण में एट केंद्र बंद मिला। इस पर उसरगांव व एट की एएनएम का वेतन रोकते हुए उनसे जवाब तलब किया गया।