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कोरोना संक्रमित बच्चों की मां के लिए संजीवनी बनी ये दवा, नहीं हुआ संक्रमण का कोई असर

नीरज मिश्र, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 07 Jun 2020 01:42 PM IST

सार

  • कोरोना पॉजिटिव बच्चों की मां को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा से कोरोना संक्रमण से बचाया गया
  • परिणाम अच्छे आने पर डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों ने किया दवा का सेवन
सांकेतिक तस्वीर।
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

दुनिया में भले ही कुछ लोगों ने कोरोना से बचाव में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की उपयोगिता को लेकर चाहे जैसे सवाल उठाए हों, मगर गोरखपुर में यही दवा दो मासूमों की मां के लिए सुरक्षा कवच साबित हुई है। पॉजिटिव शिशु के साथ रहने के बावजूद मासूमों की माताओं पर कोरोना का असर नहीं हुआ।

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ना ही दवा का कोई साइड इफेक्ट नजर आया, तो डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा का सेवन किया। हालांकि, कोरोना से बचाव में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की उपयोगिता के अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अभी आईसीएमआर की ओर से शोध जारी है।


केस-एक
बस्ती का तीन माह का मासूम 12 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव निकला। मासूम के मां की कोरोना जांच कराई गई तो वह निगेटिव निकली। मासूम को बीआरडी में उसी दिन भर्ती कराया गया। इस बीच बच्चे के इलाज को लेकर कोई दवा नहीं दी गई। लेकिन, मां को दूध पिलाने के साथ बच्चे का ख्याल रखना था, जो की बड़ी चुनौती थी। इस बीच डॉक्टरों ने मां को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा देनी शुरू की। मां पूरे इलाज के दौरान पॉजिटिव होने से बची रही।
 
केस दो
रामनगर डुमरी डेरवा का नौ माह का मासूम अपनी बुआ के साथ कोरोना पॉजिटिव निकला। जबकि, मां की रिपोर्ट निगेटिव आई। इलाज के लिए विभाग ने बीआरडी में भर्ती कराया गया। जहां वह अपनी मां के साथ भर्ती रहा। इस बीच मां स्तनपान कराने के साथ उसकी देखभाल करती रही। इस दौरान दो बार मां की जांच कराई गई दोनों बार रिपोर्ट निगेटिव आई। एहतियात के तौर पर उसे भी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा दी गई। पूरे इलाज के दौरान वह भी कोरोना पॉजिटिव होने से बची रही।

परिणाम के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने भी खाई दवा

दो केस इस बात की तस्दीक भी कर रहे हैं कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के जरिए मां को कोरोना पॉजिटिव होने से बचा लिया गया। बीआरडी के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि बच्चों को कोई दवा नहीं दी गई। मां का दूध ही उनके लिए सबसे बड़ी दवा थी।

लेकिन, चुनौती मां को कोरोना पॉजिटिव होने से बचाना था। इस पर मासूमों की मां को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा दी गई। साथ ही सुरक्षा के सारे इंतजाम भी मुहैया कराए गए। अब तक यह दवा काफी हद तक कारगार साबित हुई है।  
 
आरएमआरसी निदेशक डॉ रजनीकांत ने बताया कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा खाने के निर्देश आईसीएमआर ने दिए हैं। अब तक दवा खाने के परिणाम अच्छे आए हैं। लेकिन, डॉक्टरों की सलाह के बिना इस दवा का सेवन बिल्कुल न करें।
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