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एक अस्पताल जहां बिल्लियों के खौफ ने उडाई नींद

Wed, 12 Jun 2013 12:21 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
वाराणसी ब्यूरो Updated Wed, 12 Jun 2013 12:21 PM IST
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hospital where nobody is sleeping because of cats

वाराणसी के सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीज बिल्लियों से इतने भयभीत हो गए हैं कि कई तो पूरी रात सो नहीं पा रहे हैं।

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मार्च महीने में बाल रोग विभाग के वार्ड में निमोनिया से पीड़ित एक नवजात की बिल्ली के नोचने से मौत होने के बाद खासकर प्रसूति वार्ड में मरीज और ज्यादा एहतियात बरत रहे हैं।

सोमवार की रात प्रसूति कक्ष के बगल में स्थित वार्ड में दो बिल्लियों के घुस जाने से लोगों के जेहन में पुरानी घटना फिर ताजा हो गई। ऐसे में न तो मरीज चैन से सो पाए और न उनके परिजन।
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दरअसल प्रसूति वार्ड में प्रसव के दौरान निकलने वाले प्लेसेंटा को एक जगह एकत्र कर बाहर फेंका जाता है। इस दौरान कहीं-कहीं प्लेसेंटा के टुकड़े गिर जाते हैं। इसे ही खाने के चक्कर में बिल्लियां घूमती रहती हैं।
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चूंकि नवजातों के शरीर से भी प्लेसेंटा की तरह गंध आती है इसलिए बिल्लियां उन्हें भी नोंच सकती हैं। सोमवार की देर रात लगभग एक बजे दो बिल्लियां वार्ड में घुस गईं।

कोई उन्हें भगाता तो कभी वे प्रसूति कक्ष में तो कभी गलियारे में छिप जातीं। थोड़ी देर बाद फिर वार्ड में घुस जातीं। इसके चलते कोई भी रात में नहीं सो पाया।


वार्ड में बिल्लियां न जा पाएं, इसके लिए सुरक्षाकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, तीमारदारों को सतर्क रहने को कहा गया है।

बिल्लियां प्लेसेंटा के लिए प्रसव कक्ष के आसपास मंडराती हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया है कि कभी भी प्लेसेंटा को एकत्रित न होने दें। नियमित सफाई की जाए। यदि इसके बाद भी बिल्लियां वार्ड में घुस जा रही हैं तो कोई ठोस उपाय निकालने पर विचार किया जाएगा।

- प्रो. आरजी सिंह, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान

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