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Hathras News: पूर्व लिपिक के खिलाफ एफआईआर की दो याचिकाएं खारिज
Sat, 31 Oct 2026 12:56 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:56 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
हाथरस। सीजेएम कोर्ट ने कलक्ट्रेट के पूर्व लिपिक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दायर की गईं दो अलग-अलग अर्जियों को खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि पदीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान नियमों की जानकारी न होने या असावधानी के कारण हुई त्रुटि प्रशासनिक अनियमितता हो सकती है, जिसके लिए विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।
इसे कपटपूर्ण या धोखाधड़ी का आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता। पहला मामला फर्जी मेडिकल बोर्ड के गठन के आरोप से जुड़ा है। आवेदक जयकुमार शर्मा ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि विपक्षी लिपिक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ ने कोतवाली सिकंदराराऊ के एक आपराधिक मामले में साजिश रचकर 17 जून 2020 कोएडीएम के व्यस्ततम समय का फायदा उठाते हुए छलपूर्वक मेडिकल बोर्ड गठित करने के आदेश पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि आवेदक खुद उस मुकदमे में पक्षकार नहीं था और न ही उसे कोई व्यक्तिगत हानि हुई थी। कानून के मुताबिक, धोखाधड़ी या कूटरचना के मामलों में केवल पीड़ित या हितबद्ध व्यक्ति ही आपराधिक कार्रवाई की मांग कर सकता है। दूसरे मामले में नियमों के विरुद्ध बोनस भुगतान और अवैध पदोन्नति का आरोप लगाया गया था।
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इसे कपटपूर्ण या धोखाधड़ी का आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता। पहला मामला फर्जी मेडिकल बोर्ड के गठन के आरोप से जुड़ा है। आवेदक जयकुमार शर्मा ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि विपक्षी लिपिक रामप्रकाश कुलश्रेष्ठ ने कोतवाली सिकंदराराऊ के एक आपराधिक मामले में साजिश रचकर 17 जून 2020 कोएडीएम के व्यस्ततम समय का फायदा उठाते हुए छलपूर्वक मेडिकल बोर्ड गठित करने के आदेश पर हस्ताक्षर करा लिए थे।
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इस मामले में अदालत ने स्पष्ट किया कि आवेदक खुद उस मुकदमे में पक्षकार नहीं था और न ही उसे कोई व्यक्तिगत हानि हुई थी। कानून के मुताबिक, धोखाधड़ी या कूटरचना के मामलों में केवल पीड़ित या हितबद्ध व्यक्ति ही आपराधिक कार्रवाई की मांग कर सकता है। दूसरे मामले में नियमों के विरुद्ध बोनस भुगतान और अवैध पदोन्नति का आरोप लगाया गया था।
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