पापा, मम्मी, दीदी... आईएम सॉरी: बहुत तनाव में हूं, अब जी नहीं सकता, कहकर लगाई सातवीं मंजिल से छलांग, मौत
आशीष सर्वाइकल से हार गया था। पिता की भी तबीयत खराब थी। उसने आत्महत्या से पहले दोपहर 12 बजे अपने मामा राजू को फोन किया था। कहा था कि मामा मैं जान दे रहा हूं। अब जी नहीं सकता हूं। इस पर मामा ने समझाया। उसे किसी तरह घर आने के लिए कहा। मगर, आशीष ने फोन काट दिया।
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पिता की बीमारी और खुद सर्वाइकल से तनाव में चल रहे हाथर शहर के छात्र ने 26 मार्च को आगरा के संजय प्लेस स्थित एलआईसी की सातवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल है। सूचना पर परिजन शव लेने के लिए आगरा के लिए रवाना हो गए।
हाथरस के चामड़ गेट जलेसर रोड निवासी 27 वर्षीय आशीष बरौलिया पुत्र संतोष कुमार इन दिनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रह था। मंगलवार की सुबह वह अचानक घर से कहीं चला गया। जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। परिजनों ने आशीष की शहर में व आस-पास के जिलों में रहने वाले रिश्तेदारों को फोन कर जानकारी करी, लेकिन कोई पता नहीं चला। दोपहर बाद परिजनों को सूचना मिली कि आशीष ने आगरा में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
व्यापार नहीं चला तो टयूशन पढ़ा रहा था
आशीष बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। परिजनों ने बताया कि वह अविवाहित था। कुछ महीने पहले व्यापार शुरू किया था, जो चला नहीं। पिता संतोष कुमार की हाल ही में बाईपास सर्जरी हुई थी। आशीष खुद सर्वाइकल से पीड़ित था। पिता-पुत्र का आगरा में इलाज चल रहा था। आशीष सुबह 10 बजे घर से निकला था। कहा था कि पिता की दवा लेने जा रहा है। अपने साथ नाश्ता भी ले गया था।
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि 26 मार्च दोपहर 12:30 बजे पुलिस को एलआईसी बिल्डिंग से युवक के गिरने की सूचना मिली। पास खड़ा युवक दीपक उसे ऑटो से अस्पताल लेकर गया था। एसएन इमरजेंसी में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सातवीं मंजिल की सीढि़यों पर एक बैग मिला, जिसमें आधार कार्ड, मोबाइल और सुसाइड नोट रखा हुआ था।
मामा से कहा था परेशान हूं
परिजन ने बताया कि आशीष सर्वाइकल से हार गया था। पिता की भी तबीयत खराब थी। उसने आत्महत्या से पहले दोपहर 12 बजे अपने मामा राजू को फोन किया था। कहा था कि मामा मैं जान दे रहा हूं। अब जी नहीं सकता हूं। इस पर मामा ने समझाया। उसे किसी तरह घर आने के लिए कहा। मगर, आशीष ने फोन काट दिया।
पापा, मम्मी, दीदी... सॉरी
उसके बैग में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है.. मैं बहुत तनाव में हूं। आत्महत्या कर रहा हूं। पापा, मम्मी, दीदी... आईएम सॉरी। पुलिस को आशंका है कि वह एलआईसी बिल्डिंग की छत पर जाना चाहता था। मगर, गेट बंद होने से ऊपर नहीं जा सका और उसने सातवीं मंजिल की सीढि़यों की खिड़की से छलांग लगाई है।