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Hathras News: बिटिया प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता ने की बहस, अगली सुनवाई 9 फरवरी को
Fri, 03 Feb 2023 09:20 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 03 Feb 2023 09:20 AM IST
सार
14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ कुछ युवकों ने दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। प्रदेश की योगी सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई थी।
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कोर्ट के बाहर तैनात सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को चारों अभियुक्तों की कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेशी हुई। वादी पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने बहस की। बिटिया का भाई भी न्यायालय में पैरवी के लिए आया। अगली सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तिथि नियत की गई है।
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बृहस्पतिवार को चारों अभियुक्तों को अलीगढ़ जिला कारागार से कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आई। बिटिया पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने बहस की। बिटिया के पक्ष की ओर से स्थानीय अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा भी मौजूद थे। वहीं सीबीआई के अधिवक्ता अनुराग मोदी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर भी कोर्ट में मौजूद थे। बिटिया का भाई भी पैरवी के लिए सीआरपीएफ की सुरक्षा के बीच न्यायालय में आया। अब अगली सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तिथि नियत की है।
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बता दें कि 14 सितंबर 2020 को चंदपा क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ कुछ युवकों ने दुष्कर्म कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। युवती ने कुछ दिन बाद दिल्ली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। प्रदेश की योगी सरकार विपक्षियों के निशाने पर आ गई थी।
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मामले की विवेचना सीबीआई ने की थी। युवती की मौत से पहले ही चारों आरोपी रवि, रामू, संदीप व लवकुश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। चारों अभियुक्त अभी तक अलीगढ़ जेल में ही निरुद्ध हैं। सीबीआई ने विवेचना के उपरांत चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल कर दिया था।