{"_id":"679fc5a96914382f030227c0","slug":"strong-room-will-open-one-hour-before-the-exam-in-the-presence-of-magistrate-hathras-news-c-56-1-hts1002-126450-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP Board: परीक्षा से एक घंटे पहले खुलेगा स्ट्रांग रूम, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की होगी निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP Board: परीक्षा से एक घंटे पहले खुलेगा स्ट्रांग रूम, स्टेटिक मजिस्ट्रेट की होगी निगरानी
Mon, 03 Feb 2025 12:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:51 AM IST
सार
24 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होंगी। इस वर्ष परीक्षा के लिए हाथरस जिले में 97 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष परीक्षा में करीब 45 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड
- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रांग रूम में रखे जाएंगे। स्टेटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में एक घंटे पहले स्ट्रांग रूम खोला जाएगा। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ही परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन
24 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा शुरू होंगी। इस वर्ष परीक्षा के लिए हाथरस जिले में 97 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस वर्ष परीक्षा में करीब 45 हजार विद्यार्थी पंजीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसलिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। कंट्रोल रूम से कंप्यूटर के माध्यम से पूरी परीक्षा की निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
परीक्षा के लिए उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त हो चुकी हैं। आठ फरवरी से परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं पहुंचाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। उत्तर पुस्तिकाएं वितरण के लिए भी ड्यूटी लगाई जा चुकी हैं। बोर्ड परीक्षा में लगे कक्ष निरीक्षकों को बार कोड युक्त परिचय पत्र जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
इस संबंध में डीआईओएस संतप्रकाश का कहना है कि स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रश्न पत्र रखे जाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर छोटी-मोटी कमियां दूर करने के लिए प्रधानाचार्याें को निर्देश दिए जा चुके हैं।