{"_id":"650de6e6318e405dcd01ad94","slug":"shop-rents-have-been-increased-but-facilities-are-missing-hathras-news-c-56-1-mrt1060-5134-2023-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: दुकानों का किराया तो बढ़ा दिया, सुविधाएं नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: दुकानों का किराया तो बढ़ा दिया, सुविधाएं नदारद
Sat, 23 Sep 2023 12:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 23 Sep 2023 12:41 AM IST
विज्ञापन
दाऊजी मेले में इस साल ठेका ज्यादा महंगा उठा है, लेकिन दुकानदारों को पिछले साल के मुकाबले 20 फीसदी से अधिक दामों पर दुकानों के लिए जगह दी गई है। इस साल सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं दिया गया है। दुकानदारों को शौचालय और पेयजल तक के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
मेला का ठेका इस साल पुरानी व्यवस्था से हटकर उठाया गया है। पिछले साल की अपेक्षा मेला ठेके की सकल धनराशि कम है और शुद्ध धनराशि भी कुछ ज्यादा नहीं है। बावजूद इसके मेला में दुकानों के लिए जगह के दाम 20 फीसदी से अधिक बढ़ा दिए गए हैं।
मेला में जिस जगह को पिछले साल तक तीन से साढ़े तीन हजार रुपए फुट तक दिया जाता था। इस साल उसकी कीमत चार से साढ़े चार हजार रुपए वसूली जा रही है। इसमेें विद्युत खर्च अलग है। बात अगर सुविधाओं की करें तो इस साल जिला प्रशासन या नगर पालिका द्वारा पेयजल व शौचालय आदि की भी सुविधा नहीं दी गई है। दुकानदारों को नहाना ही नहीं बल्कि पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन
मेले के राजकीय घोषित होने का इंतजार
मेला के दुकानदारों को मेले के राजकीय घोषित होने का इंतजार है। उनका कहना है कि वर्तमान में हाथरस का मेला बहुत महंगा है, अगर इसे राजकीय घोषित कर दिया जाए तो किराए बहुत कम हो जाएंगे। हमें यहां आकर कारोबार करने में काफी आसानी होगी। उनका दावा है कि हाथरस का दाऊजी मेला आसपास के तमाम जनपदों के मेलों में सबसे अधिक महंगा है।
इस साल ठेका कुछ ज्यादा अधिक में नहीं उठा। बावजूद इसके दुकानों की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। सुविधाओं के नाम पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। शौचालय सिर्फ वीआईपी के लिए है। -मोहम्मद नायाब, अलीगढ़।
मुझे हर रोज नहाने की आदत है, लेकिन मेला में दुकान लगाने के बाद नहाना नहीं हो पा रहा। घर काफी दूर है और यहां नहाने की कोई सुविधा नहीं है। पूरा पैसा प्रशासन के पास जाता है तो सुविधा दी जानी चाहिए।-सतेंद्र सिंह, हाथरस।
विज्ञापन
मेला का ठेका इस साल पुरानी व्यवस्था से हटकर उठाया गया है। पिछले साल की अपेक्षा मेला ठेके की सकल धनराशि कम है और शुद्ध धनराशि भी कुछ ज्यादा नहीं है। बावजूद इसके मेला में दुकानों के लिए जगह के दाम 20 फीसदी से अधिक बढ़ा दिए गए हैं।
विज्ञापन
मेला में जिस जगह को पिछले साल तक तीन से साढ़े तीन हजार रुपए फुट तक दिया जाता था। इस साल उसकी कीमत चार से साढ़े चार हजार रुपए वसूली जा रही है। इसमेें विद्युत खर्च अलग है। बात अगर सुविधाओं की करें तो इस साल जिला प्रशासन या नगर पालिका द्वारा पेयजल व शौचालय आदि की भी सुविधा नहीं दी गई है। दुकानदारों को नहाना ही नहीं बल्कि पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा।
विज्ञापन
मेले के राजकीय घोषित होने का इंतजार
मेला के दुकानदारों को मेले के राजकीय घोषित होने का इंतजार है। उनका कहना है कि वर्तमान में हाथरस का मेला बहुत महंगा है, अगर इसे राजकीय घोषित कर दिया जाए तो किराए बहुत कम हो जाएंगे। हमें यहां आकर कारोबार करने में काफी आसानी होगी। उनका दावा है कि हाथरस का दाऊजी मेला आसपास के तमाम जनपदों के मेलों में सबसे अधिक महंगा है।
इस साल ठेका कुछ ज्यादा अधिक में नहीं उठा। बावजूद इसके दुकानों की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। सुविधाओं के नाम पर पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। शौचालय सिर्फ वीआईपी के लिए है। -मोहम्मद नायाब, अलीगढ़।
मुझे हर रोज नहाने की आदत है, लेकिन मेला में दुकान लगाने के बाद नहाना नहीं हो पा रहा। घर काफी दूर है और यहां नहाने की कोई सुविधा नहीं है। पूरा पैसा प्रशासन के पास जाता है तो सुविधा दी जानी चाहिए।-सतेंद्र सिंह, हाथरस।