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आरटीई में लापरवाही पड़ेगी भारी
अमर उजाला, हाथरस/ भूवेंद्र सेंगर
Updated Thu, 02 Mar 2017 11:33 PM IST
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लंबे समय से गरीबों के बच्चों को पढ़ाने में आनाकानी कर रहे कॉन्वेंट स्कूलों के संचालकों की मनमानी पर अब बेसिक शिक्षा परिषद लगाम कसेगी। इसके लिए अब परिषद की ओर से गरीब एवं विशेष समूहों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को इन विद्यालयों में एडमिशन दिलाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी लागू कर दी है। इससे परिषद को ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद शासन स्तर से ही विकल्प के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
शासन से वेलफेयर सोसाइटी बनाकर मान्यता प्राप्त करने वाले कॉन्वेट स्कूलों के संचालकों ने इसे धंधे का जरिया बना लिया है, जिससे इन अधिकांश स्कूलों के संचालक समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी एवं जवाबदेही से लगातार बच रहे थे। इन लोगों की जवाबदेही के लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून 2009 भी बनाया। इसके बाद भी इन स्कूल संचालकों ने नियमों के अनुरूप 25 प्रतिशत गरीब एवं निर्बल वर्ग के बच्चों को पढ़ाने में कोई रुचि ही नहीं दिखाई। इस संबंध में शिक्षा निदेशक बेसिक डीबी शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं नगर शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं।
इन आदेशों में जिले में एवं नगर क्षेत्रों सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों, कान्वेंट स्कूलों का विवरण मांगा गया है। इसके लिए एनआईसी की वेबसाइट पर विधिवत रूप से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें यह सभी विवरण प्रस्तुत किया जाना है। इसके साथ ही सभी गरीब अभिभावकों को शीघ्र ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे गरीबों के बच्चों को स्तरीय कान्वेंट और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाने के लिए इन स्कूलों की मनमानी रोकने हुए करीब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा सके।
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शासन से वेलफेयर सोसाइटी बनाकर मान्यता प्राप्त करने वाले कॉन्वेट स्कूलों के संचालकों ने इसे धंधे का जरिया बना लिया है, जिससे इन अधिकांश स्कूलों के संचालक समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी एवं जवाबदेही से लगातार बच रहे थे। इन लोगों की जवाबदेही के लिए सरकार ने शिक्षा का अधिकार कानून 2009 भी बनाया। इसके बाद भी इन स्कूल संचालकों ने नियमों के अनुरूप 25 प्रतिशत गरीब एवं निर्बल वर्ग के बच्चों को पढ़ाने में कोई रुचि ही नहीं दिखाई। इस संबंध में शिक्षा निदेशक बेसिक डीबी शर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं नगर शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं।
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इन आदेशों में जिले में एवं नगर क्षेत्रों सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों, कान्वेंट स्कूलों का विवरण मांगा गया है। इसके लिए एनआईसी की वेबसाइट पर विधिवत रूप से एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसमें यह सभी विवरण प्रस्तुत किया जाना है। इसके साथ ही सभी गरीब अभिभावकों को शीघ्र ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प भी दिया जाएगा, जिससे गरीबों के बच्चों को स्तरीय कान्वेंट और मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ाने के लिए इन स्कूलों की मनमानी रोकने हुए करीब विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा सके।
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