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कैसे रुकेंगे सड़क हादसे: रोडवेज बसों की नहीं जल रही बैक लाइट, इंडिकेटर भी पड़े खराब

Thu, 18 Dec 2025 11:00 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 18 Dec 2025 11:00 AM IST
सार

बसों में पीछे की तरफ कुल छह लाइटें लगी होती हैं। इनमें से अधिकांश लाइटों में अक्सर पानी भर जाता है, जिससे अक्सर लाइट खराब हो जाती हैं, इस पर ध्यान नहीं दिया जाता।

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Roadways buses back lights faulty
रोडवेज बस के पिछले हिस्से में जल रही सिर्फ एक लाइट - फोटो : संवाद

विस्तार

घने कोहरे में एक तरफ सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है तो दूसरी तरफ रोडवेज बसों में खराब बैक लाइटें चालक-परिचालकों के साथ इनमें सफर करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ा रही हैं। हाथरस डिपो की करीब 10 बसों की बैक लाइट खराब बताई जा रही हैं, जिससे कोहरे में इनकी वजह से हादसे की आशंका रहती है।

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डिपो की कार्यशाला में मरम्मत के अभाव में कई बसें पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। मजबूरी में ऑफ रूट खड़ीं बीएस-4 बसों से बैक लाइट निकालकर अन्य बसों में लगाई जा रही हैं, ताकि बसों का संचालन प्रभावित न हो। हालांकि यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही और किसी भी समय समस्या फिर खड़ी हो सकती है।
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यात्रियों और सड़क सुरक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि कोहरे में बैक लाइट और रिफ्लेक्टर का सही होना बेहद जरूरी है। खासकर हाईवे और लंबे रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों में यदि पीछे की लाइटें काम नहीं करेंगी तो पीछे से आने वाले ट्रक या अन्य वाहन समय पर ब्रेक नहीं लगा पाते, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

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किन बसों में बैक लाइट खराब हैं, इसके बारे में फोरमैन से जानकारी की जाएगी। किसी भी कीमत पर खराब लाइट के साथ सड़क पर बस नहीं भेजी जा सकती। इसके बारे में पूरी जानकारी की जाएगी।-मंगेश कुमार, प्रभारी एआरएम, हाथरस डिपो।

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मथुरा की घटना के बाद डिपो अधिकारी सतर्क

मथुरा में हुए हादसे के बाद रोडवेज प्रशासन ने बसों में सुरक्षा के कुछ इंतजाम किए हैं। सभी बसों में अग्निशमन यंत्र अपडेट कर दिए गए हैं और आपात स्थिति में शीशे तोड़ने के लिए हर बस में हथौड़े भी लगाए गए हैं, जिससे आग या दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पानी भरने से अक्सर खराब होती हैं लाइट
बसों में पीछे की तरफ कुल छह लाइटें लगी होती हैं। इनमें से अधिकांश लाइटों में अक्सर पानी भर जाता है, जिससे अक्सर लाइट खराब हो जाती हैं, इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। यहां अहम बात यह है कि जब तक बसों की बैक लाइट, इंडिकेटर और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण पूरी तरह दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक हादसों का खतरा बना रहेगा। अब देखना यह है कि रोडवेज प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है।

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