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Hathras News: 3,642 आरसी पर ब्याज में छूट देकर 44.45 करोड़ वसूलने की तैयारी
Sat, 31 Oct 2026 01:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:05 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
हाथरस। राज्य कर विभाग ने जिले के बकायेदार व्यापारियों के विरुद्ध जारी कुल 3,642 राजस्व वसूली प्रमाणपत्रों पर करोड़ों रुपये के ब्याज और अर्थदंड में बड़ी छूट देकर 44.45 करोड़ की बकाया राशि वसूलने की तैयारी पूरी कर ली है। वैट व्यवस्था के समय से चले आ रहे पुराने कर विवादों के खात्मे और राजस्व वसूली को गति देने के लिए विभाग ने समाधान योजना लागू की है।
शासन स्तर से लक्ष्य तय होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने कारोबारियों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। योजना के तहत व्यापारियों को बड़ी वित्तीय राहत दी गई है। बकाये पर लगने वाले ब्याज के साथ-साथ ब्याज से संबंधित अर्थदंड को भी पूरी तरह माफ किया जाएगा।
योजना के तहत देय बकाया राशि जमा कराने के महज 15 दिन के भीतर संबंधित कारोबारी को विभाग द्वारा अदेयता प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा, जिससे उनकी आरसी पूरी तरह निरस्त हो जाएगी और बैंक खातों या संपत्ति पर मंडरा रहा जब्ती का खतरा टल जाएगा। उपायुक्त राज्य कर पीके गुप्ता ने बताया कि कारोबारी इस योजना में जल्द से जल्द आवेदन कर वसूली की अन्य कार्रवाई से बच सकते हैं।
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ईंट-भट्ठों पर सर्वाधिक मामले
जिले में लंबित कुल 3,642 आरसी में सर्वाधिक करीब 30 फीसदी मामले अकेले ईंट-भट्ठा कारोबारियों से जुड़े हैं। अधिकांश आरसी 10 लाख रुपये से कम बकाया की श्रेणी में आती हैं। छोटे व मध्यम व्यापारियों की सहूलियत को देखते हुए योजना में एकमुश्त भुगतान के अलावा आसान किस्तों में राशि जमा करने की सुविधा भी दी गई है। व्यापारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से घर बैठे सात जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। समय-सीमा बीतने के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा और कठोर प्रशासनिक वसूली शुरू होगी।
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शासन स्तर से लक्ष्य तय होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने कारोबारियों को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना शुरू कर दिया है। योजना के तहत व्यापारियों को बड़ी वित्तीय राहत दी गई है। बकाये पर लगने वाले ब्याज के साथ-साथ ब्याज से संबंधित अर्थदंड को भी पूरी तरह माफ किया जाएगा।
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योजना के तहत देय बकाया राशि जमा कराने के महज 15 दिन के भीतर संबंधित कारोबारी को विभाग द्वारा अदेयता प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा, जिससे उनकी आरसी पूरी तरह निरस्त हो जाएगी और बैंक खातों या संपत्ति पर मंडरा रहा जब्ती का खतरा टल जाएगा। उपायुक्त राज्य कर पीके गुप्ता ने बताया कि कारोबारी इस योजना में जल्द से जल्द आवेदन कर वसूली की अन्य कार्रवाई से बच सकते हैं।
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ईंट-भट्ठों पर सर्वाधिक मामले
जिले में लंबित कुल 3,642 आरसी में सर्वाधिक करीब 30 फीसदी मामले अकेले ईंट-भट्ठा कारोबारियों से जुड़े हैं। अधिकांश आरसी 10 लाख रुपये से कम बकाया की श्रेणी में आती हैं। छोटे व मध्यम व्यापारियों की सहूलियत को देखते हुए योजना में एकमुश्त भुगतान के अलावा आसान किस्तों में राशि जमा करने की सुविधा भी दी गई है। व्यापारी विभागीय पोर्टल के माध्यम से घर बैठे सात जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। समय-सीमा बीतने के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा और कठोर प्रशासनिक वसूली शुरू होगी।