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Hathras News: हरदुआगंज में जहरीले पदार्थ के सेवन से 12 बंदरों की मौत

Thu, 13 Nov 2025 02:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Nov 2025 02:18 AM IST
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monkeys die of consumption of poisonous substance in Harduaganj
कस्बे के मोहल्ला सिद्ध में बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे कई बंदरों को मृत अवस्था में पड़े मिले हैं। आसपास के मकानों की छतों और खेतों में भी काफी संख्या में बंदर मूर्छित अवस्था में पड़े मिले। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दाऊजी मंदिर में धरना शुरू कर दिया। बाद में बंदरों को जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
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सूचना पर पशुपालन विभाग की टीम और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शुरू में मृत बंदरों के शवों को दफना दिया गया था। बाद में इनमें से चार को निकालकर पशु चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। मूर्छित अवस्था में मिले बंदरों को पकड़कर उनका इलाज शुरू किया गया।
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सूचना पर बजरंग दल कार्यकर्ता भी पहुंच गए। उन्होंने बंदरों को जहर देकर मारने का आरोप लगाते हुए दाऊजी मंदिर पर धरना शुरू कर दिया। बाद में बजरंग दल के अरुण शर्मा ने पुलिस को तहरीर दी और धरना समाप्त कर दिया। धरने पर बजरंग दल के ब्रज प्रांत सुरक्षा प्रमुख केदार सिंह, अनिल शर्मा अन्नी समेत कस्बे के लोग मौजूद रहे।
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बंदरों का पोस्टमार्टम करने वाली टीम में डॉक्टर तेजवीर सिंह, डॉक्टर अमित पाल व डॉक्टर प्रमेंद्र शामिल रहे। तेजवीर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मौत का कारण विषाक्त का सेवन दिखाई पड़ रहा है, बाकी सही स्थिति एफएसएल आगरा से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



-बंदरों की मौत की अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, बाकी तहरीर के आधार पर भी जांच की जा रही है, जो तथ्य प्रकाश में आएंगे उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। राजीव द्विवेदी क्षेत्राधिकारी अतरौली


-सूचना मिलने पर टीम मौके पर भेजी गई थी। चार बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। गेहूं रखे जाने वाले कीटनाशक या सल्फास रखे गेहूं को खाने से उनके मरने का अंदेशा है। बीमार मिले बंदर इलाज के बाद ठीक हो गए है और वह उठकर जंगल में चले गए हैं। - दिवाकर त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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