Hathras News: मलेरिया के 10 मरीज मिले, हाई रिस्क वाले इलाकों में गंदगी के कारण बीमारी का खतरा
हाथरस जनपद में गंदगी का अंबार है। हाईरिस्क इलाकों में भी गंदगी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है। शहर के हाई रिस्क इलाकों में इस कदर गंदगी है कि लोगों का जीना मुहाल है, लोग यहां की गंदगी की बीच स्वस्थ रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
विस्तार
हाथरस के बागला जिला अस्पताल में रोजाना पहुंचने वाले बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में कभी 200 कभी 250 तो कभी 300 मरीज बुखार से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इन मरीजों की जांच में अब मलेरिया भी सामने आने लगा है। अब तक कुल 10 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद भी हाईरिस्क वाले इलाकों में साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इसकी मुख्य वजह जनपद में गंदगी का अंबार है। हाईरिस्क इलाकों में भी गंदगी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है। शहर के हाई रिस्क इलाकों में इस कदर गंदगी है कि लोगों का जीना मुहाल है, लोग यहां की गंदगी की बीच स्वस्थ रहने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
हमारे मोहल्ले में कई साल से जलभराव की समस्या है, जल निकासी न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीमारियों के होने का भी खतरा रहता है।-सतेंद्र सिंह निवासी हरवंश बिहारी काॅलोनी।
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जलेसर रोड तो पिछले करीब पांच साल से नरक जैसे हालात हैं। पूरे शहर का कचरा तो इस रोड पर आता ही है, साथ ही गली मोहल्लों में सफाई व्यवस्था बिल्कुल बेकार है। अक्सर लोग बीमार होते रहते हैं।-चैतन्य बघेल निवासी जलेसर रोड।
जब तक शहर में सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाएगा। तब तक शहर वासियों के स्वस्थ रहने की कामना करना बेकार है। स्वच्छता को लेकर व्यापक कदम उठाने से ही बेहतर स्वास्थ्य होगा।-विशाल कुमार निवासी रमनपुर नई बस्ती।
कर्बला रोड का हाल शहर के सभी लोगों को मालूम है, यहां से आम लोगों के लिए जलभराव से पैदल गुजरना काफी दिक्कत वाला रहता है। मच्छरों के कारण बीमारियां भी जकड़ रही हैं।-फुरखान निवासी कर्बला रोड।
हमारे यहां सफाई व्यवस्था बदतर है। बिजली कॉटन मिल से मोहल्ले तक आने वाले रास्ते पर 12 महीने पानी भरा रहता है। गंदगी व जलभराव बच्चों व बुजुर्गों को बीमार करने का बड़ा कारण है।-धमेंद्र कुमार निवासी विष्णुपुरी।
अधिक गंदगी वाले इलाकों में स्वच्छता को लेकर व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। स्वच्छता को लेकर कई योजनाएं तैयार की जा रही हैं। गंदगी की समस्याओं से निजात दिलाए जाने के लिए हर स्तर से काम चल रहा है।-रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी नप हाथरस।
अब स्प्रे कराने की व्यवस्था तो पूरी तरह से बंद है। एक हजार की आबादी पर अगर दो पॉजिटिव केस मिलते हैं तो एंटी लार्वा रसायन का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके साथ ही संपर्क के लोगों की टेस्टिंग की जा रही है। उस इलाके में पांच लोगों के घरों की जांच हो रही है, कूलर आदि में पानी तो नहीं भरा हुआ है।-प्रदीप रावत, जिला मलेरिया अधिकारी।
2024 में मलेरिया के 16 व डेंगू के 107 मरीज रहे
2024 में जिले में मलेरिया के 16 व डेंगू के 107 मरीज सामने आए थे। सर्वाधिक मरीज जिन इलाकों में सामने आए थे, उन्हें उच्च जोखिम वाले इलाकों की श्रेणी में रखा गया। ऐसे 74 इलाके अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। मलेरिया विभाग इन इलाकों में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति बना रहा है।
मलेरिया के आंकड़ों पर एक नजर
| वर्ष | डेंगू के मरीज | मलेरिया के मरीज |
| 2021 | 308 | 21 |
| 2022 | 40 | 5 |
| 2023 | 165 | 27 |
| 2024 | 107 | 16 |
यह इलाके अति संवदेनशील घोषित
- सादाबाद- विभवनगर, सिंह कॉलोनी, चामड़ मोहल्ला, मोहल्ला ढ़करई, नगला चांद, मई, मीरपुर, ऊंचागांव, गड़ी हरबल।
- सहपऊ- नगला पचौरी, गढ़ी रमजू।
- मुरसान- कछपुरा, गढ़ी तमना, भगवंतपुर, धतरा कलां, मोहनपुरा, मीतई, कपूरा, झींगुरा, कोटा, केवलगढ़ी।
- महौ- तिपरस, भोगांव, नगला जायस, तेहरा, वीरनगर, मोहब्बतपुरा, मानहौ, कैमार, मेंडू, नगला अढ़ू।
- हसायान- चांदनपुरा, खिटौली।
- सिकंदराराऊ- चिरायल, मोहल्ला हुरमतगंज, मोहल्ला सराय उम्दा बेगम, बारहसैनी मोहल्ला, भूतेश्वर कॉलोनी, नवाबपुरा, लाला का नगला, मोहल्ला बड़ा बाजार, मोहल्ला रोशनगंज, मोहल्ला मटकोकटा, रतिभानपुर, कासगंज रोड।
- सासनी- फरौली, तिलौठी, नगला नत्थू, रूहेरी, नगला नाई, अजीतपुर, सौरभ धाम कॉलोनी, बनगढ़, शाहपुर खुर्द।
- हाथरस- रमनपुर, मधुगढ़ी, खंदारी गढ़ी, फायर स्टेशन, विवेकानंद नगर कॉलोनी, किलागेट, वर्मा कॉलोनी, विष्णुपुरी, गंगा मिल बगीची, अंसारी मोहल्ला सीयल, बर्फखाना, जलेसर रोड, काशीराम कॉलोनी, वसुंधरापुरम, अग्रसेन बिहार कॉलोनी, नया बाग, श्यामनगर कॉलोनी, विद्यानगर इगलास रोड, माधव बिहार कॉलोनी, भूरापीर, नवीपुर खुर्द।