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Maha Shivratri: बम-बम भोले के जयकारे से गूंजे शिवालय, कांवड़ियों ने मध्यरात्रि के बाद किया जलाभिषेक

Wed, 26 Feb 2025 08:33 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 26 Feb 2025 08:33 AM IST
सार

हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन रोड स्थित गोपेश्वर महादेव, मेंडू रोड स्थित चौबे वाले महोदव, जोगिया रोड स्थित बाबुलनाथ महादेव, अलीगढ़ रोड स्थित कैलाश महादेव, मथुरा रोड स्थित बौहरेश्वर महादेव, आगरा रोड स्थित चिंता हरण महादेव, कमला बाजार स्थित कामेश्वर महादेव, कमला बाजार स्थित चमत्कारी महादेव, हनुमान गली स्थित राज राजेश्वर महादेव, नाई का नगला स्थित भूतेश्वर, गड्डे वाले महादेव आदि प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी।

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Mahashivratri in Hathras
मेंडू रोड स्थित एक शिविर में कावंड़ियों की सेवा में जुटीं महिला समाजसेविकाएं - फोटो : संवाद

विस्तार

महाशिवरात्रि का पर्व आज है। शहर के चारों ओर बम-बम भोले का जयघोष लग रहा है। सभी मंदिर सज गए हैं। हजारों श्रद्धालु कांवड़ लाकर मध्य रात्रि से ही अलग-अलग मंदिरों में बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। जबरदस्त भीड़ है। बृज की द्वार देहरी पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति के रंग में डूबी है। भोर की पहली किरण निकलने के साथ ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाएगी। इधर, मंगलवार को पूरे दिन जनपद भर के मंदिरों में महाशिवरात्रि की तैयारी चलती रही।

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26 फरवरी सुबह से बम भोले के जयकारों के साथ श्रद्धालु भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प आदि से पूजा-अर्चना करेंगे। सुबह से देर रात तक शिवालयों में पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रहेगी। शाम को भगवान के मनोहारी शृंगार सजाए जाएंगे। वाद्य-यंत्रों की सुरीली धुनों पर भगवान शिव-पार्वती के विवाह का वर्णन किया जाएगा।
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25 फरवरी को पूरे दिन गंगा-घाटों से गंगा जल लेकर कांवड़ियों की टोलियां बम-बम भोले का जयघोष करती हुई गंतव्य की ओर रवाना होती रहीं, जो मंगलवार देर रात तक शिवालयों पर पहुंची। कुछ टोलियां आज पहुंचेंगी। आज प्रमुख शिवालयों में अच्छी-खासी भीड़ रहेगी। भक्तों को पूजा करने के लिए घंटों कतार में लगना पड़ेगा। कई प्राचीन शिवालयों पर मेला लगेगा। मंदिर के सेवादारों ने बताया कि सुबह से लेकर दोपहर तक भगवान की पूजा-अर्चना होगी। कांवड़ियां गंगाजल से भगवान शंकर का जलाभिषेक करेंगे। शाम को भगवान के भव्य फूल बंगला शृंगार सजाए जाएंगे और महाआरती होगी। रात्रि में रूद्राभिषेक, चार पहर की पूजा-अर्चना व शिव विवाह पढ़ा जाएगा।
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इन मंदिरों में रहेगी जबरदस्त भीड़
26 फरवरी को भगवान भोले नाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए शहर के हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन रोड स्थित गोपेश्वर महादेव, मेंडू रोड स्थित चौबे वाले महोदव, जोगिया रोड स्थित बाबुलनाथ महादेव, अलीगढ़ रोड स्थित कैलाश महादेव, मथुरा रोड स्थित बौहरेश्वर महादेव, आगरा रोड स्थित चिंता हरण महादेव, कमला बाजार स्थित कामेश्वर महादेव, कमला बाजार स्थित चमत्कारी महादेव, हनुमान गली स्थित राज राजेश्वर महादेव, नाई का नगला स्थित भूतेश्वर, गड्डे वाले महादेव आदि प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ेगी।

गाजे-बाजे के साथ चढ़ेंगी जेहर

महाशिवरात्रि के अवसर पर नव दंपत्ती व संतान रत्न प्राप्ति होने पर गाजे-बाजे के साथ जेहर चढ़ाई जाएंगी। बैंड-बाजों के साथ महिलाओं द्वारा सिरों पर स्टील व मिट्टी के कलश लेकर जेहर चढ़ाई जाएंगी। इसे लेकर एक दिन पहले ही लोगों ने बैंड-बाजे व ढोल-नगाड़ों वालों को बुक कर दिया, ताकि वे समय पर आ जाएं और जेहर चढ़ सके।

हाथों में व्यंजन लेकर कांवड़ियों के पीछे दौड़ते रहे सेवादार
महाशिवरात्रि से एक दिन पहले से ही राजघाट, कछला, सोरों आदि गंगाघाटों से गंगाजल लेकर कांवड़ियों के आने का सिलसिला चलता रहा। बुधवार भोर तक यही क्रम जारी रहा। सड़कों पर बम-बम भोले का जयघोष करते हुए कांवड़ियों के जत्थे रवाना होते रहे। इन जत्थों की सेवा के लिए जनपद के सेवादारों ने खूब मेहनत की। सेवादार कांवड़ियों के पीछे-पीछे पानी, फल, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक और दूध लेकर दौड़ते रहे।

सेवा शिविरों में टिक्की, चीला, फल-आलू की चाट, हलवा, तंदूर की रोटी, खीर, दूध व चाय आदि व्यंजनों की व्यवस्था की गई। पूरे दिन सेवादार कांवड़ियों की सेवा करने में जुटे रहे। रोक-रोककर कांवड़ियों की सेवा की गई। आम जनता के साथ ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से भी कांवड़ियों की सेवा की गई। डीएम राहुल पांडेय, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा सहित तमाम पुलिस कर्मियों ने मेंडू रोड के शिविर पर भक्तों को फल आदि का वितरण किया। मथुरा-कासगंज व आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर पूरे दिन सैंकड़ों की संख्या में कांवड़ियों के जत्थों का आवागमन हुआ। कांवड़ियों की सेवा के लिए जगह-जगह समाजसेवियों ने शिविर लगाए। इन शिविरों में खान-पान से लेकर हर सुविधा का ध्यान रखा गया।

पुलिस संग आगे बढ़ते रहे कांवड़ियों के जत्थे
25 फरवरी को पूरे दिन राजघाट, सोरों, कछला सहित अन्य गंगाघाटों से कांवड़ियों के समूह गंगा जल लेकर शहर में आते रहे। कांवड़ियों के निकलने का सिलसिला पूरे दिन और शाम से लेकर बुधवार सुबह तक जारी रहा। बम-बम भोले का जय घोष करते हुए पूरे दिन बड़ी संख्या में कांवड़ियों की टोलियां सड़कों पर चलती रहीं। जगह-जगह कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस भी गश्त करती रही। बड़े जत्थों के आगे पुलिस की एक-एक गाड़ी रास्ता साफ कराती हुई भी नजर आई।

अंगूर, बेर, संतरा और अमरूद के दाम बढ़े

महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए मंगलवार को लोगों ने खूब खरीदारी की। पूजा के सामान के साथ ही बड़ी मात्रा में फलाहार की खरीदारी की गई। जिससे फलों के दामों में अचानक बड़ी तेजी देखने को मिली। इनके दाम मानों दो दिनों के लिए आसमान पर पहुंच गए हैं। 25 रुपये किलो के भाव में बिक रहा बेर 50 रुपये किलो तक पहुंचा गया। 50 रुपये किलो तक बिक रहा संतरा, अमरूद व अंगूर भी 100 रुपये किलो तक पहुंच गए। पपीता 25 से 40 रुपये किलो हो गया है। केला 25 से 40 रुपये हो गया है। खरीदारी को लेकर बाजारों में अच्छी खासी भीड़ नजर आई। वहीं व्रत को लेकर कूटू का आटा, सिंगाड़े का आटा व समा के चावल की भी खूब बिक्री हुई।

कांवड़ सेवा शिविरों में खूब दिखी दवाएं
हसायन विकासखंड क्षेत्र में विभिन्न कांवड़ यात्रा मार्गों पर ग्राम पंचायतों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाएं उपलब्ध कराईं। कांवड़ियों के आराम करने के लिए गद्दे भी लगाए गए। कस्बा क्षेत्र के जलेसर मार्ग, सिकंदराराऊ मार्ग, जयपुर-बरेली मार्ग पर स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर लगाए।भैकुरी मार्ग से होते हुए आगरा जाने वाले कांवड़िये लिंक मार्गों से निकलते दिखाई दिए। इन मार्गाें पर शाम के समय अंधेरा होने से कांवड़ियों को परेशानी हुई। 

महाकुंभ स्नान के कारण कांवड़ियों की संख्या हुई कम
महाकुंभ का अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर होने के कारण इस बार क्षेत्र में आने वाले कांवड़ियों की संख्या में कुछ कमी देखी गई। महाशिवरात्रि पर राजस्थान और मध्य प्रदेश के कांवड़िये कासगंज के सोरों गंगा घाट से गंगाजल की कांवड़ लेकर आते हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि 26 फरवरी को महाकुंभ का समापन होने के कारण अधिकांश लोग वहां स्नान करने चले गए हैं। जिससे कांवड़ियों की संख्या में कुछ कमी है। पुलिस प्रशासन के अतिरिक्त समाजसेवी लोगों तथा संस्थाओं ने जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों को विश्राम दिया जा रहा है। खाना नाश्ता के साथ दर्द निवारक दवाएं भी दी जा रही हैं। पुरदिलनगर रोड पर कैंप लगाकर निरंतर कांवड़ियों की सेवा सहायता की जा रही है।

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