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Hathras News: विनियमित क्षेत्र से मांगी पांच सालों में स्वीकृत मानचित्रों की सूची
Sat, 31 Oct 2026 01:20 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:20 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : ARchive
कमल वार्ष्णेय
हाथरस। नगर पालिका परिषद ने पिछले पांच वर्षों में विकसित हुई कॉलोनियों के वैध और अवैध स्वरूप की थाह लेने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर पालिका ने विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी से पिछले पांच सालों में कॉलोनियों के स्वीकृत मानचित्रों की सूची मांगी है।
अधिशासी अधिकारी ने विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी को आधिकारिक पत्र भेजा है। इसके माध्यम से पिछले पांच वर्षों के दौरान नगर पालिका द्वारा आवासीय कॉलोनी विकसित किए जाने के सिलसिले में दी गई अनापत्तियों की सूची साझा की गई है।
पालिका के दस्तावेजों और संपत्ति प्रभारी की आख्या के अनुसार कलवारी, रमनपुर, हतीसा, गिजरौली, जोगिया, मीतई, गढ़ी तमना और कुंवरपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 89 से अधिक कॉलोनियों और स्थलों के लिए पूर्व में अनापत्ति जारी की गई थी।
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पिछले 40 वर्षों में केवल दो ही कॉलोनियां नगर पालिका परिषद के हैंडओवर है, जिनमें आवास-विकास कॉलोनी व विभव नगर आंशिक रूप से शामिल है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनके अलावा कोई कॉलोनी पालिका में हैंडओवर नहीं है। सीमा विस्तार के बाद से पालिका की जद में कई कॉलोनियां आ चुकी हैं। ये कॉलोनी अभी तक पालिका के हैंडओवर नहीं हो सकी हैं। अक्सर कॉलोनाइजर प्लाॅट बेच जाते हैं, लेकिन विकास शुल्क जमा कर कॉलोनी हैंडओवर नहीं करते। संवाद
सुविधाओं की कमी से जूझ रहे नागरिक
इन विकसित कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों द्वारा लगातार आईजीआरएस पोर्टल या अन्य माध्यमों से सड़क, पानी और सफाई जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाते हैं। हैंडओवर न होने के कारण पालिका नियमानुसार इन कॉलोनी में विकास कार्य नहीं करा पा रही और न ही प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हो रहा है।
नगर पालिका के सीमा क्षेत्र में आ रहीं कॉलोनियों की जानकारी मांगी है। विकसित हो चुकी कॉलोनियों को हैंडओवर कराया जाएगा, जिससे आम लोगों की पानी, साफ-सफाई व ड्रेनेज की समस्या का समाधान कराया जा सके।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस
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हाथरस। नगर पालिका परिषद ने पिछले पांच वर्षों में विकसित हुई कॉलोनियों के वैध और अवैध स्वरूप की थाह लेने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। नगर पालिका ने विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी से पिछले पांच सालों में कॉलोनियों के स्वीकृत मानचित्रों की सूची मांगी है।
अधिशासी अधिकारी ने विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी को आधिकारिक पत्र भेजा है। इसके माध्यम से पिछले पांच वर्षों के दौरान नगर पालिका द्वारा आवासीय कॉलोनी विकसित किए जाने के सिलसिले में दी गई अनापत्तियों की सूची साझा की गई है।
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पालिका के दस्तावेजों और संपत्ति प्रभारी की आख्या के अनुसार कलवारी, रमनपुर, हतीसा, गिजरौली, जोगिया, मीतई, गढ़ी तमना और कुंवरपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 89 से अधिक कॉलोनियों और स्थलों के लिए पूर्व में अनापत्ति जारी की गई थी।
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पिछले 40 वर्षों में केवल दो ही कॉलोनियां नगर पालिका परिषद के हैंडओवर है, जिनमें आवास-विकास कॉलोनी व विभव नगर आंशिक रूप से शामिल है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इनके अलावा कोई कॉलोनी पालिका में हैंडओवर नहीं है। सीमा विस्तार के बाद से पालिका की जद में कई कॉलोनियां आ चुकी हैं। ये कॉलोनी अभी तक पालिका के हैंडओवर नहीं हो सकी हैं। अक्सर कॉलोनाइजर प्लाॅट बेच जाते हैं, लेकिन विकास शुल्क जमा कर कॉलोनी हैंडओवर नहीं करते। संवाद
सुविधाओं की कमी से जूझ रहे नागरिक
इन विकसित कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों द्वारा लगातार आईजीआरएस पोर्टल या अन्य माध्यमों से सड़क, पानी और सफाई जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाते हैं। हैंडओवर न होने के कारण पालिका नियमानुसार इन कॉलोनी में विकास कार्य नहीं करा पा रही और न ही प्रार्थना पत्रों का निस्तारण हो रहा है।
नगर पालिका के सीमा क्षेत्र में आ रहीं कॉलोनियों की जानकारी मांगी है। विकसित हो चुकी कॉलोनियों को हैंडओवर कराया जाएगा, जिससे आम लोगों की पानी, साफ-सफाई व ड्रेनेज की समस्या का समाधान कराया जा सके।
-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस