Hathras Weather: आठ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलीं हवाएं, कांपे लोग, दो दिन तक सर्दी से नहीं मिलेगी राहत
कृषि वैज्ञानिक डा. बलवीर सिंह ने बताया कि अगले एक-दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवाओं के साथ गलन बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान में और गिरावट भी आ सकती है।
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हाथरस जिले में सर्दी का सितम लगातार बढ़ रहा है। 5 जनवरी को सुबह से ही आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने गलन को और बढ़ा दिया। तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालात ऐसे रहे कि लोग गर्म कपड़ों में भी ठिठुरते नजर आए।
दिन भर लोग अलाव, हीटर और ब्लोअर के सहारे ठंड से निजात पाने के जतन करते नजर आए। दोपहर के समय करीब आधे घंटे के लिए हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन यह धूप भी लोगों को सर्दी से राहत देने में नाकाम रही। जैसे ही धूप कमजोर पड़ी, गलन फिर से हावी हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी छह डिग्री सेल्सियस हीर हा। तापमान में आई इस गिरावट ने जनजीवन की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सर्द हवाओं और गलन का असर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया।
सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में ग्राहकों की संख्या कम रही और शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। चाय, कॉफी और गर्म खाद्य पदार्थों की दुकानों पर हालांकि कुछ भीड़ देखने को मिली, जहां लोग सर्दी से राहत पाने की कोशिश करते दिखे।
दो दिन तक सर्दी से राहत मिलने के आसार कम
कृषि वैज्ञानिक डा. बलवीर सिंह ने बताया कि अगले एक-दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवाओं के साथ गलन बनी रह सकती है और न्यूनतम तापमान में और गिरावट भी आ सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और सर्दी से बचाव के उपाय अपनाने की आवश्यकता है।
बुजुर्ग व बच्चों को रहना होगा सतर्क
इस मौसम में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में ठंड से बचाव बेहद जरूरी है। सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचने की सलाह दी जा रही है।