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Hathras: जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही आई सामने, शासन को भेजी रिपोर्ट
Tue, 20 Aug 2024 09:13 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 20 Aug 2024 09:13 PM IST
सार
चार ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत अधिकारियों की सीआरआएस आईडी से 2199 जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के मामले में जिलाधिकारी आशीष कुमार ने सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच कमेटी की ओर से डीपीआरओ व सीएमओ से उक्त मामले में दस्तावेज व आख्या मांगी गई थी।
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Birth certificates
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाथरस जिले की चार ग्राम पंचायतों से 2199 प्रमाण पत्रों के जारी होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही प्रथम द़ष्टया सामने आई है। इस मामले में जांच रिपोर्ट के बाद डीएम ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी है। इस रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियेां के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच अधिकारियों को इस मामले से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा नहीं की गई है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से कटघरे में खड़ा हुआ है।
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उल्लेखनीय है कि चार ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत अधिकारियों की सीआरआएस आईडी से 2199 जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के मामले में जिलाधिकारी आशीष कुमार ने सीडीओ साहित्य प्रकाश मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। इस टीम में डीआईओ एनआईसी आलोक माहेश्वरी, ओसी कलेक्ट्रेट मनीष चौधरी को सदस्य नामित किया गया था। जांच कमेटी की ओर से डीपीआरओ व सीएमओ से उक्त मामले में दस्तावेज व आख्या मांगी गई थी।
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डीपीआरओ व सीएमओ ने अपनी अपनी आख्या जांच कमेटी के समक्ष रखी है। जांच कमेटी ने दोनों कार्यालयों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि पोर्टल की मॉनीटरिंग करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की थी। स्वास्थ्य विभाग इस पोर्टल का नोडल था।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोर्टल की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी आरके अग्निहोत्री को नामित भी किया गया था। इस कारण इस चूक में स्वास्थ्य विभ्ज्ञाग को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। हालांकि अभी जांच में अभी तमाम बिंदु अनछुए बने हुए हैं। इस कारण शासन को प्राप्त् रिपोर्ट के आधार पर ही जांच आख्या भेज दी गई है।