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हाथरस : अभी तक किसी निजी बस के अनुबंध के लिए नहीं आया आवेदन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन स्तर से डग्गामारी को रोकने के लिए अनुबंध के तहत निजी बसों के संचालन की कार्य योजना तैयार की गई। इसके लिए निजी बस संचालकों से एक माह पूर्व आवेदन मांगे गए, लेकिन हाथरस डिपो में किसी वाहन स्वामी ने आवेदन नहीं किया है। इस कारण पुरानी बसों के जरिये लोग गंतव्य की दूरी तय कर रहे हैं। ये बसें आए दिन बीच रास्ते में धोखा देती है। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। जिसमें करीब एक दर्जन बसें निर्धारित किमी पूरे करने के साथ समय अवधि को पूरा कर चुकी है। हाल ही में निगम स्तर से इस नियम में बदलाव किया गया। इस कारण इन बसों का संचालन आज भी किया जा रहा है।
वहीं निगम स्तर से आदेश आया कि डग्गामारी को रोकने व आय बढ़ाने के लिए निजी बसों को अनुबंध के तहत डिपो के बेड़े में शामिल किया जाए। इसके लिए हाथरस डिपो द्वारा प्राइवेट बस संचालकों के साथ बैठक कर आवेदन मांगे गए। एआरएम शशी रानी का कहना है कि आज तक किसी निजी बस संचालक ने अभी तक आवेदन नहीं किया है। संवाद
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शासन स्तर से डग्गामारी को रोकने के लिए अनुबंध के तहत निजी बसों के संचालन की कार्य योजना तैयार की गई। इसके लिए निजी बस संचालकों से एक माह पूर्व आवेदन मांगे गए, लेकिन हाथरस डिपो में किसी वाहन स्वामी ने आवेदन नहीं किया है। इस कारण पुरानी बसों के जरिये लोग गंतव्य की दूरी तय कर रहे हैं। ये बसें आए दिन बीच रास्ते में धोखा देती है। इस कारण यात्रियों को दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 77 बसें हैं। जिसमें करीब एक दर्जन बसें निर्धारित किमी पूरे करने के साथ समय अवधि को पूरा कर चुकी है। हाल ही में निगम स्तर से इस नियम में बदलाव किया गया। इस कारण इन बसों का संचालन आज भी किया जा रहा है।
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वहीं निगम स्तर से आदेश आया कि डग्गामारी को रोकने व आय बढ़ाने के लिए निजी बसों को अनुबंध के तहत डिपो के बेड़े में शामिल किया जाए। इसके लिए हाथरस डिपो द्वारा प्राइवेट बस संचालकों के साथ बैठक कर आवेदन मांगे गए। एआरएम शशी रानी का कहना है कि आज तक किसी निजी बस संचालक ने अभी तक आवेदन नहीं किया है। संवाद
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