{"_id":"628fc95ef75b2912e74e69b7","slug":"hathras-power-line-repaired-four-thousand-consumers-faced-power-crisis-hathras-news-ali292475289","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : विद्युत लाइन की हुई मरम्मत, चार हजार उपभोक्ताओं ने झेला बिजली संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : विद्युत लाइन की हुई मरम्मत, चार हजार उपभोक्ताओं ने झेला बिजली संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ओढ़पुरा से निकलने वाले टाउन टू व ऊर्जा फीडर की 11 केवीए की लाइन पर बृहस्पतिवार को मरम्मत का काम चला। इस कारण दोपहर से शाम तक करीब चार हजार लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर सके। शाम को बिजली आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों तापमान कम होने के साथ बिजली विभाग लाइनों की मरम्मत में जुट गया है। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि की जा रही है, ताकि लोगों को निर्बाध बिजली मिले। इस क्रम में बृहस्पतिवार को ओढ़पुरा विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले टाउन टू और ऊर्जा फीडर से जुड़े इगलास रोड, नगला कुंवरजी, संगीला, बाद अठवरियां, टुकसान, जोगिया सहित कई गांवों के करीब चार हजार उपभोक्ताओं को दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
बिजली गुल होने के कारण घरों में लगे उपकरण शोपीस बने रहे। उमस भरी गर्मी के चलते लोग पसीने में तरबतर रहे। ग्रामीणों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ा। शाम को पांच बजे बिजली आने के बाद लोग तेजी से कामों को निपटाने में जुट गए। उपखंड अधिकारी (एसडीओ) विशाल निषाद का कहना है कि लाइन पर मरम्मत के काम के चलते कई गांवों में कुछ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही है। शाम को सुचारु करा दी गई है।
विज्ञापन
कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है। आज दोपहर से बिजली बंद है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हुआ है। विभाग को आपूर्ति सुचारु करने पर ध्यान देना चाहिए।
-सतेंद्र सिंह
आए दिन बिजली संकट बढ़ता जा रहा है। विभाग को उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने पर ध्यान देना चाहिए। गर्मी में बिजली न मिलने के कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं।
-जोगेंद्र सिंह
एक तरफ सरकार बेहतर बिजली देने की बात कह रही है तो दूसरी ओर जिले में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। आए-दिन कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है।
-निखिल वार्ष्णेय
बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण आए दिन फॉल्ट होते हैं। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
-विजय वार्ष्णेय
विज्ञापन
ओढ़पुरा से निकलने वाले टाउन टू व ऊर्जा फीडर की 11 केवीए की लाइन पर बृहस्पतिवार को मरम्मत का काम चला। इस कारण दोपहर से शाम तक करीब चार हजार लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरूरी कामकाज नहीं कर सके। शाम को बिजली आने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों तापमान कम होने के साथ बिजली विभाग लाइनों की मरम्मत में जुट गया है। साथ ही ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि की जा रही है, ताकि लोगों को निर्बाध बिजली मिले। इस क्रम में बृहस्पतिवार को ओढ़पुरा विद्युत उपकेंद्र से निकलने वाले टाउन टू और ऊर्जा फीडर से जुड़े इगलास रोड, नगला कुंवरजी, संगीला, बाद अठवरियां, टुकसान, जोगिया सहित कई गांवों के करीब चार हजार उपभोक्ताओं को दोपहर 12 बजे से शाम पांच बजे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
विज्ञापन
बिजली गुल होने के कारण घरों में लगे उपकरण शोपीस बने रहे। उमस भरी गर्मी के चलते लोग पसीने में तरबतर रहे। ग्रामीणों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ा। शाम को पांच बजे बिजली आने के बाद लोग तेजी से कामों को निपटाने में जुट गए। उपखंड अधिकारी (एसडीओ) विशाल निषाद का कहना है कि लाइन पर मरम्मत के काम के चलते कई गांवों में कुछ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही है। शाम को सुचारु करा दी गई है।
विज्ञापन
कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है। आज दोपहर से बिजली बंद है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हुआ है। विभाग को आपूर्ति सुचारु करने पर ध्यान देना चाहिए।
-सतेंद्र सिंह
आए दिन बिजली संकट बढ़ता जा रहा है। विभाग को उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने पर ध्यान देना चाहिए। गर्मी में बिजली न मिलने के कारण काफी दिक्कतें हो रही हैं।
-जोगेंद्र सिंह
एक तरफ सरकार बेहतर बिजली देने की बात कह रही है तो दूसरी ओर जिले में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। आए-दिन कई कई घंटे बिजली गुल हो रही है।
-निखिल वार्ष्णेय
बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण आए दिन फॉल्ट होते हैं। कभी दिन तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है।
-विजय वार्ष्णेय