पीईटी: गहने रोके और जूते उतरवाए, तब मिला केंद्रों में प्रवेश, रेलवे स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की बढ़ी भीड़
सुरक्षा के इंतजामों के तहत परीक्षा केंद्रों में प्रवेश द्वार पर प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की गई। केंद्र के अंदर एआई तकनीक आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई। परीक्षा हॉल के भीतर हर एक परीक्षार्थी की गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से कड़ी नजर रखी गई।
विस्तार
हाथरस जिले में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कड़े नियमों के साथ हुई। नकल रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की गहन तलाशी ली गई।
इस दाैरान महिला अभ्यर्थियों के जूड़े खुलवाए गए और सभी परीक्षार्थियों के जूते-मोजे भी उतरवाए गए। इसके अलावा, एआई तकनीक युक्त बायोमीट्रिक के जरिये परीक्षार्थियों का सत्यापन किया। परीक्षा का आयोजन दो पालियों में हुआ। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई। दोनों पालियों में 13152 अभ्यर्थियों में से 4421 अनुपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से सड़क से परीक्षा केंद्रों तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। केंद्रों के आसपास वाहन खड़ा करने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
सुरक्षा के इंतजामों के तहत परीक्षा केंद्रों में प्रवेश द्वार पर प्रवेश पत्र और मूल पहचान पत्रों की बारीकी से जांच की गई। केंद्र के अंदर एआई तकनीक आधारित बायोमीट्रिक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की गई। परीक्षा हॉल के भीतर हर एक परीक्षार्थी की गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों से कड़ी नजर रखी गई।
400 किलोमीटर दूर से आए अभ्यर्थी
कई अभ्यर्थी 400 किलोमीटर दूर से आए थे। दूर से आने वाले शनिवार दोपहर में ही अपने घर से चल दिए थे और शनिवार रात में ही शहर में पहुंच गए थे। इन छात्रों ने होटल, नगर पालिका के रैन बसेरों, सिटी स्टेशन एवं बस स्टैंड पर रात बिताई। फतेहपुर से आईं प्रिया तिवारी ने बताया कि उनका सेंटर बागला इंटर कॉलेज में था। वह तड़के पांच बजे केंद्र पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद बाहर बैठकर इंतजार किया। रायबरेली से पत्नी को परीक्षा दिलाने आए अमरीश ने बताया कि यहां तक आने के लिए रातभर सफर करना पड़ा। बस से आगरा पहुंचे और फिर वहां से हाथरस के लिए दूसरी बस पकड़ी। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र पास ही बनाने चाहिए।
दोनों पालियों में उपस्थिति का हाल
- प्रथम पाली (सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक) : कुल 6,576 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,433 परीक्षा केंद्र पहुंचे, जबकि 2,143 अनुपस्थित रहे।
- द्वितीय पाली : (दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक) : कुल 6,576 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4,298 ही परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2,278 अनुपस्थित रहे।
परीक्षा के बाद रेलवे स्टेशनों पर परीक्षार्थियों की बढ़ी भीड़, नोकझोंक
उत्तर प्रदेश पीईटी परीक्षा की शाम की पाली समाप्त होने के बाद हाथरस जंक्शन व सिटी स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों की संख्या में अभ्यर्थी प्लेटफॉर्म पर एकत्र हो गए। युवाओं की इस अप्रत्याशित भीड़ को देखकर रेलवे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पहले सवार होने के लिए परीक्षार्थियों में धक्का-मुक्की हुई। सीट के लिए यात्रियों में नोकझोंक भी हुई। आरपीएफ व जीआरपी द्वारा किए गए सुरक्षा के इंतजाम धराशायी हो गए।
सिटी स्टेशन पर शाम 6:30 बजे एक एग्जाम स्पेशल ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची। ट्रेन आते ही उसमें चढ़ने के लिए अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त मारामारी शुरू हो गई। हर कोई जल्द-से-जल्द ट्रेन में सवार होकर अपने घर लौटना चाहता था। हाथरस सिटी स्टेशन की तुलना में हाथरस जंक्शन पर परीक्षार्थियों की उपस्थिति कहीं अधिक रही। स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बलों को बुलाया गया। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हाथरस सिटी स्टेशन पर भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। मथुरा-बरेली स्पेशल ट्रेन शाम 7 बजे यहां पहुंची। इस ट्रेन में चढ़ने के लिए भी अभ्यर्थियों में मारामारी देखी गई।
नाम एक जैसे, परीक्षा केंद्र अलग: भ्रम में छूटी इगलास की अभ्यर्थी की परीक्षा
जिले में एक जैसे नामों वाले शिक्षण संस्थान प्रतियोगी परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। प्रवेश पत्र पर केंद्र के नाम में भ्रम के कारण रविवार को हुई परीक्षा में कई परीक्षार्थियों की परीक्षा छूट गई।
पीईटी परीक्षा के लिए इगलास से आई एक छात्रा बागला डिग्री कॉलेज की जगह बागला इंटर कॉलेज पहुंच गई। छात्रा ने अपना सामान स्ट्रांग रूम में जमा किया और प्रवेश प्रक्रिया शुरू की। जांच दल ने प्रवेश पत्र देखा तो पता चला कि केंद्र बागला डिग्री कॉलेज था। जब तक छात्रा को सही केंद्र की जानकारी हुई, वह सामान लेकर बागला डिग्री कॉलेज पहुंची। तब तक समय बीत चुका था और मुख्य द्वार बंद हो चुके थे। केंद्र व्यवस्थापक ने नियमों का हवाला देकर प्रवेश देने से इन्कार कर दिया, जिससे छात्रा का साल भर का परिश्रम बेकार हो गया।
सरस्वती इंटर कॉलेज और सरस्वती डिग्री कॉलेज के केंद्रों को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी रही। कई अभ्यर्थी गलत केंद्र पर पहुंच गए। उन्हें सही जगह पहुंचने के लिए काफी भाग-दौड़ और मानसिक तनाव झेलना पड़ा। बाहरी क्षेत्रों से आए परीक्षार्थी ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के भरोसे गलत केंद्रों पर उतरते रहे। कई छात्रों को सरस्वती इंटर कॉलेज में रोल नंबर न मिलने पर ज्ञात हुआ कि उनका केंद्र सरस्वती डिग्री कॉलेज है।
पुलिस रही अलर्ट, जाम रोकने के लिए चौराहों पर रही सख्ती
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया और शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए जिले के चारों सीओ (क्षेत्राधिकारियों) को शहर की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके अलावा, दो थानों के पुलिस बल के साथ-साथ पुलिस लाइंस से भी अतिरिक्त फोर्स को प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया था। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के हर चौराहे पर पांच से छह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जो लगातार मुस्तैद रहे। पेपर छूटने के दौरान थाना पुलिस भी सड़कों पर सक्रिय नजर आई, जिससे परीक्षार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में सहूलियत मिली।
फाटक खुलने पर बहाल हुआ ट्रैफिक
परीक्षा छूटने के बाद जब सासनी गेट चौराहा और इगलास अड्डा के पास रेलवे फाटक बंद हुआ, तो कुछ देर के लिए वहां वाहनों का भारी जमावड़ा और जाम की स्थिति देखने को मिली। हालांकि, रेलवे फाटक खुलते ही पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए वाहनों को तेजी से निकलवाया।
डीएम ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
प्रथम पाली में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने बीएलएस इंटरनेशनल स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम पहुंचकर कैमरों के माध्यम से परीक्षा कक्षों की गतिविधियां देखीं। सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। डीएम ने बॉयोमेट्रिक टीम से अभ्यर्थियों के सत्यापन की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए।
प्रश्नपत्र रहा सरल, परीक्षार्थी दिखे संतुष्ट
पीईटी परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थियों के चेहरों पर संतुष्टि दिखी। अभ्यर्थियों ने बातचीत में बताया कि प्रश्नपत्र काफी सरल रहा। उन्हें प्रश्नों के उत्तर देने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई। परीक्षा में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, रीजनिंग और करंट जनरल नॉलेज से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप थे। परीक्षार्थियों ने उम्मीद जताई कि उनके अच्छे अंक आएंगे और वे परीक्षा में सफल हो सकेंगे।
इगलास निवासी परीक्षार्थी भारती ने बताया कि प्रश्नपत्र काफी सरल था। उन्हें सवालों को हल करने में अधिक कठिनाई नहीं हुई। अलीगढ़ निवासी परीक्षार्थी गीता ने भी सभी तरह के प्रश्नों को आसान बताया। उन्होंने प्रश्नों के सही उत्तर दिए हैं और आसानी से सफल होने की उम्मीद जताई।
फतेहपुर निवासी परीक्षार्थी रवींद्र कुमार ने कहा कि प्रश्नपत्र पाठ्यक्रम के अनुसार था। उन्होंने सवालों को समझकर उनके उत्तर दिए। उन्हें पास होने के लिए आवश्यक अंक आसानी से मिलने की उम्मीद है। इटावा निवासी परीक्षार्थी अंकित ने बताया कि गणित, अंग्रेजी, रीजनिंग और करंट जनरल नॉलेज से जुड़े प्रश्न सरल थे। उन्होंने आसानी से सवालों के जवाब दिए और अच्छे अंक मिलने की उम्मीद जताई।