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हाथरस : उच्चाधिकारियों के अनुमोदन के बिना दो दर्जन से अधिक सफाईकर्मी बदले
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
माह अक्तूबर में पंचायती राज विभाग में तैनात सफाई कर्मियों के धड़ाधड़ तबादले किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि डीपीआरओ ने उक्त तबादलों में उच्चाधिकारी सीडीओ से किसी भी प्रकार का कोई अनुमोदन नहीं लिया है। शासनादेश को दरकिनार करते हुए तबादले की प्रक्रिया को अपनाया गया है। अक्तूबर माह में करीब दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों के तबादले किए गए हैं।
जिले में संचारी रोग अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पंचायती राज विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सफाई कर्मियों से टीम बनाकर सफाई कराई जा रही है। इसी क्रम में डीपीआरओ जीडी जैन ने दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों को इधर से उधर किया है। हैरानी की बात यह है कि उक्त सफाई कर्मियों के तबादले शासनादेश को दरकिनार करते हुए किए गए हैं। यहां तक कि तबादला आदेश में उच्चाधिकारी सीडीओ को पत्र भी सूचनार्थ नहीं किया है। डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि सफाईकर्मियों के तबादले किए हैं।
एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका पर उठ रहे सवाल
हाथरस। पंचायती राज विभाग में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं जोरों पर है। इस महीने हुए तबादलों में भी कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध बताया जा रहा है। चर्चा यह है कि उक्त कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से ही पंचायती राज विभाग की ज्यादातर कामों को अंजाम दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के तबादले हो या वेतन निकासी सभी में कंप्यूटर ऑपरेटर का हस्तक्षेप रहता है।
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- सफाई कर्मियों के तबादले में उच्चाधिकारियों को अनुमोदन लिया जाना चाहिए। पंचायती राज विभाग में हुए सफाईकर्मियों के तबादले में अनुमोदन लिया जाना चाहिए था। मेरे से किसी भी प्रकार को अनुमोदन लिया गया है, ऐसा मेरे संज्ञान में नहीं है। आरबी भास्कर, सीडीओ।
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माह अक्तूबर में पंचायती राज विभाग में तैनात सफाई कर्मियों के धड़ाधड़ तबादले किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि डीपीआरओ ने उक्त तबादलों में उच्चाधिकारी सीडीओ से किसी भी प्रकार का कोई अनुमोदन नहीं लिया है। शासनादेश को दरकिनार करते हुए तबादले की प्रक्रिया को अपनाया गया है। अक्तूबर माह में करीब दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों के तबादले किए गए हैं।
जिले में संचारी रोग अभियान के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पंचायती राज विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात सफाई कर्मियों से टीम बनाकर सफाई कराई जा रही है। इसी क्रम में डीपीआरओ जीडी जैन ने दो दर्जन से अधिक सफाई कर्मियों को इधर से उधर किया है। हैरानी की बात यह है कि उक्त सफाई कर्मियों के तबादले शासनादेश को दरकिनार करते हुए किए गए हैं। यहां तक कि तबादला आदेश में उच्चाधिकारी सीडीओ को पत्र भी सूचनार्थ नहीं किया है। डीपीआरओ जीडी जैन ने बताया कि सफाईकर्मियों के तबादले किए हैं।
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एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका पर उठ रहे सवाल
हाथरस। पंचायती राज विभाग में तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं जोरों पर है। इस महीने हुए तबादलों में भी कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध बताया जा रहा है। चर्चा यह है कि उक्त कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से ही पंचायती राज विभाग की ज्यादातर कामों को अंजाम दिया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के तबादले हो या वेतन निकासी सभी में कंप्यूटर ऑपरेटर का हस्तक्षेप रहता है।
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- सफाई कर्मियों के तबादले में उच्चाधिकारियों को अनुमोदन लिया जाना चाहिए। पंचायती राज विभाग में हुए सफाईकर्मियों के तबादले में अनुमोदन लिया जाना चाहिए था। मेरे से किसी भी प्रकार को अनुमोदन लिया गया है, ऐसा मेरे संज्ञान में नहीं है। आरबी भास्कर, सीडीओ।