{"_id":"6052415c8ebc3e59274e089c","slug":"hathras-fitness-will-not-be-possible-if-there-is-any-defect-in-the-vehicle-hathras-news-ali25887774","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : वाहन में जरा भी खामी मिली तो नहीं हो पाएगी फिटनेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : वाहन में जरा भी खामी मिली तो नहीं हो पाएगी फिटनेस
विज्ञापन
हाथरस : एम वाहन सॉफ्टवेयर से फिटनेस जांच करते परिवहन अधिकारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
वाहन स्वामी यदि एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस कराने के लिए जा रहे हैं तो वह मानकों को पूरा करके ही जाए। वाहन में जरा भी खामी होने पर फिटनेस नहीं हो पाएगी। अब परिवहन विभाग में फिटनेस के लिए एम वाहन के नाम से सॉफ्टवेयर लांच किया गया है। इस सॉफ्टवेयर पर मौके पर ही फोटो लोड किए जाएंगे। यदि कोई खामी होगी तो सॉफ्टवेयर इंकार कर देगा। वाहनों को परिवहन कार्यालय में बने फिटनेस ट्रैक पर वाहन को लाना होगा। पहले दिन एक दर्जन से अधिक वाहनों की फिटनेस एम वाहन के जरिए की गई।
उल्लेखनीय है कि संभागीय परिवहन बदलते समय में हाईटेक होता जा रहा है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बाद फिटनेस भी एम वाहन सॉफ्टवेयर के जरिए ही होगी। इसमें परिवहन अधिकारियों को मौके पर चारों साइड के आधा दर्जन फोटो लोड करने होंगे। साथ ही वाहन के पांच सौ मीटर के दायरे में होना आवश्यक है।
कोई भी कमी होगी तो सॉफ्टवेयर फोटो को लेगा नहीं। फिटनेस की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। एम वाहन सॉफ्टवेयर से सिस्टम में पारदर्शीता और बढ़ेगी। आरआई संतोष कुमार का कहना है कि अब एम वाहन सॉफ्टवेयर से वाहनों की फिटनेस होगी। कोई भी खामी वाहन में होगी तो उसे सॉफ्टवेयर फिटनेस प्रक्रिया से इंकार कर देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
वाहन स्वामी यदि एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस कराने के लिए जा रहे हैं तो वह मानकों को पूरा करके ही जाए। वाहन में जरा भी खामी होने पर फिटनेस नहीं हो पाएगी। अब परिवहन विभाग में फिटनेस के लिए एम वाहन के नाम से सॉफ्टवेयर लांच किया गया है। इस सॉफ्टवेयर पर मौके पर ही फोटो लोड किए जाएंगे। यदि कोई खामी होगी तो सॉफ्टवेयर इंकार कर देगा। वाहनों को परिवहन कार्यालय में बने फिटनेस ट्रैक पर वाहन को लाना होगा। पहले दिन एक दर्जन से अधिक वाहनों की फिटनेस एम वाहन के जरिए की गई।
उल्लेखनीय है कि संभागीय परिवहन बदलते समय में हाईटेक होता जा रहा है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बाद फिटनेस भी एम वाहन सॉफ्टवेयर के जरिए ही होगी। इसमें परिवहन अधिकारियों को मौके पर चारों साइड के आधा दर्जन फोटो लोड करने होंगे। साथ ही वाहन के पांच सौ मीटर के दायरे में होना आवश्यक है।
विज्ञापन
कोई भी कमी होगी तो सॉफ्टवेयर फोटो को लेगा नहीं। फिटनेस की प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। एम वाहन सॉफ्टवेयर से सिस्टम में पारदर्शीता और बढ़ेगी। आरआई संतोष कुमार का कहना है कि अब एम वाहन सॉफ्टवेयर से वाहनों की फिटनेस होगी। कोई भी खामी वाहन में होगी तो उसे सॉफ्टवेयर फिटनेस प्रक्रिया से इंकार कर देगा।
विज्ञापन