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हाथरस : 20 निराश्रित बच्चों को मुहैया कराई आर्थिक मदद
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हाथरस : मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के शुभारंभ के दौरान बच्चों को प्रमाणपत्र देते डीएम। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया। डीएम रमेश रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रोजेक्टर के माध्यम किया गया। डीएम रमेश रंजन ने चिन्हित 20 बच्चों को प्रमाणपत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर चार हजार रुपये मासिक की दर से तीन महीने की धनराशि स्वीकृत की गई। कोविड-19 के संक्रमण से माता-पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
डीएम ने कहा कि कोविड-19 से अभिभावकों की मृत्यु को देखते हुए शासन द्वारा इस योजना के तहत 0-18 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों और संरक्षकों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उनके भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए दिए जाएंगे। शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों का प्रवेश आवासीय विद्यालयों में भी कराया जा सकता है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को कोविड-19 से हुई अभिभावकों की मृत्यु के दृष्टिगत उनके बच्चों को विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत में 20 बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से चार बच्चों ने अपनी मां, 15 बच्चों ने अपने पिता को और एक बच्चे ने अपने माता-पिता दोनों को खोया है। आवेदन की प्रक्रिया के लिए स्वयं सत्यापित ऑफलाइन आवेदन ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा किया जा सकता है। माता-पिता दोनों या एक की मृत्यु के दो वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आरबी भास्कर, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति ऋतु रानी अग्रवाल, महिला कल्याण अधिकारी मोनिका गौतम, संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।
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कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया। डीएम रमेश रंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रोजेक्टर के माध्यम किया गया। डीएम रमेश रंजन ने चिन्हित 20 बच्चों को प्रमाणपत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर चार हजार रुपये मासिक की दर से तीन महीने की धनराशि स्वीकृत की गई। कोविड-19 के संक्रमण से माता-पिता की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।
डीएम ने कहा कि कोविड-19 से अभिभावकों की मृत्यु को देखते हुए शासन द्वारा इस योजना के तहत 0-18 वर्ष के बच्चों के अभिभावकों और संरक्षकों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से उनके भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए दिए जाएंगे। शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों का प्रवेश आवासीय विद्यालयों में भी कराया जा सकता है। डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को कोविड-19 से हुई अभिभावकों की मृत्यु के दृष्टिगत उनके बच्चों को विभाग द्वारा संचालित अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत में 20 बच्चों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से चार बच्चों ने अपनी मां, 15 बच्चों ने अपने पिता को और एक बच्चे ने अपने माता-पिता दोनों को खोया है। आवेदन की प्रक्रिया के लिए स्वयं सत्यापित ऑफलाइन आवेदन ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लेखपाल, तहसील या जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में जमा किया जा सकता है। माता-पिता दोनों या एक की मृत्यु के दो वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आरबी भास्कर, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति ऋतु रानी अग्रवाल, महिला कल्याण अधिकारी मोनिका गौतम, संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।
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