Hathras: ई़-एफआईआर आवेदन अस्वीकृत, डीपीआरओ लेंगी न्यायालय की शरण, केंद्रीय मंत्री के नाम से मिली थी धमकी
किसी ने हाथरस की डीपीआरओ सुबोध जोशी को केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम से फोन पर धमकी दी और अभद्रता की डीपीआरओ ने ई- एफआई आर दर्ज कराई। पुलिस ने उसे अस्वीकार कर दिया। अब डीपीआरओ न्यायालय की शरण जाने की प्लानिंग बना रही हैं।
विस्तार
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के नाम से धमकी और अभद्रता मामले में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए हाथरस जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) की तरफ से दिए गए आवेदन को पुलिस विभाग ने अस्वीकार कर दिया है। डीपीआरओ ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए न्यायालय की शरण लेंगी।
18 जनवरी को विकास खंड सहपऊ की ग्राम पंचायत इसौंदा का डीपीआरओ ने निरीक्षण किया था। इस दौरान निजी स्थान पर पंचायत सचिवालय का संचालन होता पाया गया था। कई अनियमितताएं भी मिली थीं। इसे लेकर डीपीआरओ ने नाराजगी जताई थी। निरीक्षण के बाद डीपीआरओ कार्यालय आई थीं। इस दौरान डीपीआरओ को एक नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद का परिचय केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल नाम से दिया। डीपीआरओ का कहना था कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनसे न केवल अभद्रता की, बल्कि ग्राम प्रधान पर कार्रवाई करने पर धमकी भी दी। इसके बाद डीपीआरओ मामले को लेकर कोतवाली मुरसान पहुंचीं और एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
थाने से एफआईआर दर्ज न होने की स्थिति में ई एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। इस मामले ने 19 जनवरी को तब और तूल पकड़ लिया, जब पंचायतराज विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी विकास भवन पर एकत्रित हो गए और 48 घंटे में एफआईआर दर्ज न होने पर आंदोलनात्मक कदम उठाने की चेतावनी दी। अब डीपीआरओ की तरफ से ई एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिए गए आवेदन को पुलिस विभाग ने अस्वीकार कर दिया है। इस पर डीपीआरओ ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि जीरो एफआईआर का भी प्रावधान है, जो कि किसी भी थाने से दर्ज की जा सकती है, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। अगर एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो उच्च न्यायालय की शरण लेकर एफआईआर दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।
पुलिस ने आवेदन अस्वीकार करने की यह वजह बताई
पुलिस ने डीपीआरओ का प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए कहा है कि यह इन अपराधों में नहीं आता है। यूपी कॉप मोबाइल एप में अज्ञात-गैर नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्रथम चरण में निम्न अपराधों में ही मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा, जिनमें वाहन चोर, वाहन लूट, मोबाइल छिनैती, लूट , सामान्य चोरी, नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी, साइबर अपराध शामिल हैं। लिहाजा वह घटनास्थल से संबंधित थाने में संपर्क करें।
सोशल मीडिया पर डीपीआरओ के समर्थन में उतरे लोग
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोगों ने डीपीआरओ सुबोध जोशी के समर्थन में टिप्पणी करना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि ट्विटर पर ब्राह्मण ऑफ इंडिया एकाउंट से भी एक्स पर पोस्ट की गई है। पोस्ट में कहा गया है कि ब्राह्मण बेटियां अधिकारी बनकर भी सुरक्षित नहीं....। इस लेकर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज ध्वरैया ने भी टिप्पणी की है।
मामले की जांच कराई जा रही है। मामला काफी गंभीर है। डीएम से भी बात हो रही है। प्रशासन लिखवाएगा तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। -निपुण अग्रवाल, एसपी
जिला पंचायतराज अधिकारी ने हमारे यहां बन रहे आरआर केंद्र का निरीक्षण किया था, जिसमें उन्होंने घटिया सामग्री लगाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही गांव में हुए विकास कार्यों के अभिलेखों को कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए थे। हमने सभी विकास कार्यों के अभिलेख उनके कार्यालय में प्रस्तुत कर दिए हैं। इसके अलावा हमें अन्य किस प्रकरण के बारे कोई जानकारी नहीं है। -अनीता देवी, प्रधान इसौंदा
सरकार वैसे भी यह कहती है कि वह महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम कर रही और उनकी सुरक्षा प्रथम दायित्व है। एक महिला अधिकारी को किसी ने मंत्री बनकर धमकाया है, यह अनुचित है, लेकिन प्रकरण की ईमानदारी एवं निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। जो भी दोषी हों, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। -प्रदीप सिंह उर्फ गुड्डू चौधरी, विधायक सादाबाद।