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हाथरस : 10 दाल मिलों का अभी तक नहीं हुआ पंजीकरण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आयुक्त खाद्य और रसद विभाग की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दालों की स्टॉक लिमिट, मूल्य एवं प्रवर्तन कार्य के संबंध में समीक्षा की गई। जिले में कुल 40 दाल मिल हैं। इनमें से मात्र 30 दाल मिलों का ही पंजीकरण कराया गया है और 10 दाल मिलों का अभी तक पंजीकरण नहीं कराया गया है।
इस सिलसिले में एडीएम जेपी सिंह ने बताया कि जिन दाल मिल संचालकों द्वारा अभी तक पंजीकरण नहीं कराया गया है, वे तत्काल ऑनलाइन पंजीकरण करा लें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दाल के थोक विक्रेताओं के लिए 500 मीट्रिक टन तथा खुदरा विक्रेताओं के लिए पांच एमटी स्टॉक लिमिट तय की गई है।
सभी थोक एवं फुटकर विक्रेता शासन के निर्देशानुसार ही स्टॉक रखें। यदि जांच में दालों का स्टॉक अधिक पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में पाया गया कि अरहर, मसूर, उड़द एवं मूंग आदि दालों के थोक एवं फुटकर मूल्य में 20 रुपये से अधिक का अंतर है, यह स्थिति उचित नहीं है।
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फुटकर विक्रेताओं से अपील है कि उचित मूल्य पर ही दालों की बिक्री करें, अन्यथा उनके खिलाफ मुनाफाखोरी व कालाबाजारी के लिए कार्रवाई की जाएगी। जिले में दाल मिलर, थोक व्यापारी एवं फुटकर विक्रेता के यहां दालों के स्टॉक व मूल्यों की निगरानी के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। संवाद
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आयुक्त खाद्य और रसद विभाग की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दालों की स्टॉक लिमिट, मूल्य एवं प्रवर्तन कार्य के संबंध में समीक्षा की गई। जिले में कुल 40 दाल मिल हैं। इनमें से मात्र 30 दाल मिलों का ही पंजीकरण कराया गया है और 10 दाल मिलों का अभी तक पंजीकरण नहीं कराया गया है।
इस सिलसिले में एडीएम जेपी सिंह ने बताया कि जिन दाल मिल संचालकों द्वारा अभी तक पंजीकरण नहीं कराया गया है, वे तत्काल ऑनलाइन पंजीकरण करा लें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा दाल के थोक विक्रेताओं के लिए 500 मीट्रिक टन तथा खुदरा विक्रेताओं के लिए पांच एमटी स्टॉक लिमिट तय की गई है।
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सभी थोक एवं फुटकर विक्रेता शासन के निर्देशानुसार ही स्टॉक रखें। यदि जांच में दालों का स्टॉक अधिक पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में पाया गया कि अरहर, मसूर, उड़द एवं मूंग आदि दालों के थोक एवं फुटकर मूल्य में 20 रुपये से अधिक का अंतर है, यह स्थिति उचित नहीं है।
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फुटकर विक्रेताओं से अपील है कि उचित मूल्य पर ही दालों की बिक्री करें, अन्यथा उनके खिलाफ मुनाफाखोरी व कालाबाजारी के लिए कार्रवाई की जाएगी। जिले में दाल मिलर, थोक व्यापारी एवं फुटकर विक्रेता के यहां दालों के स्टॉक व मूल्यों की निगरानी के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। संवाद