फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   farmer look aftering at field to save corp from cattle

तीन डिग्री पारे में पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसान कर रहे खेतों की पहरेदारी

Tue, 31 Dec 2019 01:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2019 01:00 AM IST
विज्ञापन
farmer look aftering at field to save corp from cattle
आवारा पशुओं से फसल को बचाने के ल‌िए खेतों की रखवाली करते किसान। - फोटो : SADABAD
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
विज्ञापन

हाडकंपा देने वाली ठंड में जहां लोग घरों में भी राहत के लिए हीटर व अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं किसानों की रात छुट्टा पशुओं से फसल बचाने के लिए खेतों पर पहरेदारी में ही गुजर रही है। इसके बावजूद नजर बचते ही छुट्टा पशु खेतों में घुस जाते हैं और फसल नष्ट कर देते हैं।
जी हां, गांव-गांव आवारा पशुओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है। किसान खेतों की रखवाली शिफ्ट वाइज कर रहे हैं। धरती का सीना चीरकर अन्न उगाने वाला अन्नदाता बेरहम सर्द रातों में भी खेत की मेड़ पर बैठकर पूरी रात काट रहा है। सोमवार की रात को अमर उजाला ने कुछ वक्त खेतों की पहरेदारी में लगे किसानों के साथ काटा तो यकीन मानिए एक मिनट मेें ही कंपकंपी बंध गई। यह स्थिति तब थी, जब जैकेट, मफलर और दस्तानों के साथ पैक थे। हमारी टीम सादाबाद क्षेत्र के गांव बिलारा और जटोई के खेतों में पहुंची।
विज्ञापन

बिलारा में काफी किसान देर रात हाथ में टॉर्च और डंडा लिए अपनी खेत की रखवाली कर रहे थे। जटोई में किसानों ने खेतों के बीच झोंपड़ी बना ली और किसान यहां बैठकर अलावा पर तापते हुए फसलों की रखवाली कर रहे थे। गांव में आबादी से करीब एक किमी दूरी पर ही 50 वर्षीय किसान रामवीर टार्च की रोशनी से खेतों की देखवाल करते मिले। हमने पूछा तो कहने लगे, रोज का काम है। पहले फसल पैदा करो, फिर उसके चौकीदार बन जाओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीस से तीस आवारा पशुओं का झुंड घूमता है जो रातभर में पूरे खेत को तबाह कर देता है। वरना साहब, इतनी सर्दी में रजाई से निकलने को किसका मन करता है। मजबूरी है जो यहां खींच लाती है। पड़ोस के खेत पर ही करीब 55 साल के डोरीलाल भी हाथ में डंडा और टॉर्च लेकर नजर आए। जब बात हुई तो कहने लगे कि आज उनका नंबर है। परिवार के लोगों ने फसल की रखवाली के लिए नंबर बांध रखे हैं। पूरी रात खेत की मेड़ पर बैठकर रखवाली करनी पड़ती है। कई बार तो ठंड लगने से बीमार हो चुके हैं, लेकिन किसानों की समस्या किसी को दिखाई नहीं देती। गांव के ही राजू, हरप्रसाद और सुरेशचंद्र कहने लगे कि किसान ही जो इतना कष्ट झेलकर भी मुस्कराता रहता है। वरना सरकारी कर्मचारियों को देख लीजिए, जरा सा संकट आ जाता है तो हड़ताल कर बैठते हैं। किसान तो हड़ताल भी नहीं कर सकता। गाय, सांड़, सूअर आदि सभी फसल को बर्बाद कर रहे हैं।

रात में टार्च लेकर खेतों की रखवाली करते किसान।

रात में टार्च लेकर खेतों की रखवाली करते किसान।- फोटो : SADABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed