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हाथरस : लाखों रुपये खर्च, फिर भी सामुदायिक शौचालय में पानी की सुविधा नहीं
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हाथरस : पटाखास में निर्मित सामुदायिक शौचालय। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ब्लॉक मुरसान की ग्राम पंचायत पटाखास में बना सामुदायिक शौचालय इन दिनों सफेद हाथी साबित हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बने सामुदायिक शौचालय में पानी तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। यहां बनी टंकी क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण इस सामुदायिक शौचालय में ज्यादातर समय ताला ही पड़ा रहता है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत लाखों रुपये खर्च मुरसान ब्लॉक के गांव पटाखास में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया, जिससे उन ग्रामीणों को शौच करने के लिए खुले में नहीं जाना पड़ेगा, जिनके घर में शौचालय नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इस शौचालय पर ज्यादातर समय ताला लगा रहता है।
यहां तक कि इस शौचालय के निर्माण के दौरान सफाई आदि के लिए पानी की टंकी भी बनाई गई थी, वह भी इतनी घटिया सामग्री से बनाई गई है कि बनने के साथ ही यह पानी की टंकी रिसने व टूटने लग गई है। इस कारण इस शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से ग्रामीण इस शौचालय में शौच के लिए नहीं आते हैं। संवाद
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शौचालय में बनी टंकी में पानी भरवाते ही रिस जाता है। शौचालय में पानी की कोई सुविधा नहीं हैं, इसलिए लोग शौच के लिए नहीं आते हैं।
-विनोद कुमार, ग्रामीण
यहां तैनात कर्मचारी शाम के समय करीब एक घंटे के लिए कभी-कभार आता हैं। पानी की तो व्यवस्था नहीं हैं। इस कारण शौच के लिए नहीं जा पाते हैं।
-केशव, ग्रामीण
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ब्लॉक मुरसान की ग्राम पंचायत पटाखास में बना सामुदायिक शौचालय इन दिनों सफेद हाथी साबित हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बने सामुदायिक शौचालय में पानी तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। यहां बनी टंकी क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण इस सामुदायिक शौचालय में ज्यादातर समय ताला ही पड़ा रहता है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत लाखों रुपये खर्च मुरसान ब्लॉक के गांव पटाखास में सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया गया, जिससे उन ग्रामीणों को शौच करने के लिए खुले में नहीं जाना पड़ेगा, जिनके घर में शौचालय नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इस शौचालय पर ज्यादातर समय ताला लगा रहता है।
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यहां तक कि इस शौचालय के निर्माण के दौरान सफाई आदि के लिए पानी की टंकी भी बनाई गई थी, वह भी इतनी घटिया सामग्री से बनाई गई है कि बनने के साथ ही यह पानी की टंकी रिसने व टूटने लग गई है। इस कारण इस शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से ग्रामीण इस शौचालय में शौच के लिए नहीं आते हैं। संवाद
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शौचालय में बनी टंकी में पानी भरवाते ही रिस जाता है। शौचालय में पानी की कोई सुविधा नहीं हैं, इसलिए लोग शौच के लिए नहीं आते हैं।
-विनोद कुमार, ग्रामीण
यहां तैनात कर्मचारी शाम के समय करीब एक घंटे के लिए कभी-कभार आता हैं। पानी की तो व्यवस्था नहीं हैं। इस कारण शौच के लिए नहीं जा पाते हैं।
-केशव, ग्रामीण