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बिजली संकट : महौ उपकेंद्र घेरा, नारेबाजी-प्रदर्शन
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महौ बिजलीघर पर पहुंचे क्षेत्रीय लोग। संवाद
- फोटो : Samvad
शहर से देहात तक हो रही अघोषित बिजली कटौती से लोग बहुत परेशान हैं। शहर के मिल-कारखानों में कामकाज प्रभावित हो रहे हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। बिजली कटौती को लेकर लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौ स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र का ग्रामीणों ने घेराव कर लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के धौरपुर, पहाड़पुर, नगला जायस, मितनपुर आदि के ग्रामीण मंगलवार की सुबह महौं स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र पर पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती हो रही है। पूरे-पूरे दिन और रात बिजली नहीं आती है। बिजली गुल रहने की वजह से परेशानी हो रही है। बीते तीन दिन से बिजली कटौती बढ़ गई है। कूलर और पंखा शोपीस बने हुए हैं।
बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। धान और बाजरा की फसल में सिंचाई नहीं हो पा रही है। फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। उपकेंद्र पर मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जल्द ही आपूर्ति बहाल होने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण वापस लौटे।
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इन गांवों को होती है महौं उपकेंद्र से सप्लाई:
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौं स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से पहाड़पुर, धौरपुर, नगला जायस, हीरा नगला, हिम्मतपुर, महौ, खोड़रति, घड़ी सिंगर, पवलोई, नगला मान, बांदीपुर, भोगांव, मितनपुर, आदि को विद्युत आपूर्ति मुहैया होती है।
10 बीघा में इस साल बाजार किया है। तीन दिन से बिजली कटौती होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। गर्मी जस की तस है।
-मूलचंद शर्मा, किसान धौरपुर।
80 बीघा में धान की फसल है। बिजली कटौती के कारण खेत की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते धान पीले पड़ गए हैं।
-गणेश शास्त्री, किसान, धौरपुर।
पूरी-पूरी रात बिजली कटौती रहती है। कभी वोल्टेज कम आता है। सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस साल 80 बीघा में धान की फसल है।
-महेश चंद किसान, निवासी, धौरपुर।
बिजली नहीं आ रही है। दस बीघा में धान की फसल है, जिसमें पानी नहीं लग पा रहा। जब तक आपूर्ति बहाल नहीं होती यहां रहेंगे। -मुन्नीलाल, किसान, गांव धौरपुर।
रात्रि के समय बारिश के कारण 132 केवी लाइन में फॉल्ट हो गया था। जिसके चलते गांव पवलोई पास लाइन की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत पूरी होते ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। -सुरेंद्र सिंह शर्मा, उपखंड अधिकारी, सलेमपुर।
ग्रामीणों ने एसई को ज्ञापन सौपा
हाथरस। बिजली कटौती की समस्या को लेकर मंगलवार को कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने पहले उपकेंद्र पर पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया और उसके बाद शहर के मथुरा रोड ओढ़पुरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। जहां इन लोगों ने बिजली कटौती की समस्या को लेकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन देते हुए कहा कि लगभग पिछले 20 दिन से किसान उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रहीं है, यदि थोड़ी बहुत विद्युत आपूर्ति मिलती भी है तो फीडर ओवरलोड होने की वजह 33 केवी की लाइन टूटकर गिर जाती है। यह समस्या पिछले 2 वर्षों से बनी हुई है। पूर्व से अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं कि शीघ्र ही फीडर की क्षमता वृद्धि कराई जाएगी। उपकेंद्र के लिए लिए नई लाइन बनाई जाएगी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। झूठे आश्वासनों की वजह से किसान उपभोक्ता बर्बादी के कगार पर हैं और आंदोलन करने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि दिन और रात में निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक ही विद्युत आपूर्ति मुहैया कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में राज कुमार सिंह, चंद्रपाल, दिनेश कुमार, होती लाल, दिनेश कुमार, राजवीर सिंह, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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हाथरस जंक्शन क्षेत्र के धौरपुर, पहाड़पुर, नगला जायस, मितनपुर आदि के ग्रामीण मंगलवार की सुबह महौं स्थित 33/11 केवी उपकेंद्र पर पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती हो रही है। पूरे-पूरे दिन और रात बिजली नहीं आती है। बिजली गुल रहने की वजह से परेशानी हो रही है। बीते तीन दिन से बिजली कटौती बढ़ गई है। कूलर और पंखा शोपीस बने हुए हैं।
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बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को परेशानी हो रही है। धान और बाजरा की फसल में सिंचाई नहीं हो पा रही है। फसल सूखने की स्थिति में पहुंच गई हैं। उपकेंद्र पर मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों ने जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जल्द ही आपूर्ति बहाल होने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण वापस लौटे।
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इन गांवों को होती है महौं उपकेंद्र से सप्लाई:
हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौं स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से पहाड़पुर, धौरपुर, नगला जायस, हीरा नगला, हिम्मतपुर, महौ, खोड़रति, घड़ी सिंगर, पवलोई, नगला मान, बांदीपुर, भोगांव, मितनपुर, आदि को विद्युत आपूर्ति मुहैया होती है।
10 बीघा में इस साल बाजार किया है। तीन दिन से बिजली कटौती होने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। गर्मी जस की तस है।
-मूलचंद शर्मा, किसान धौरपुर।
80 बीघा में धान की फसल है। बिजली कटौती के कारण खेत की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिसके चलते धान पीले पड़ गए हैं।
-गणेश शास्त्री, किसान, धौरपुर।
पूरी-पूरी रात बिजली कटौती रहती है। कभी वोल्टेज कम आता है। सिंचाई नहीं हो पा रही है। इस साल 80 बीघा में धान की फसल है।
-महेश चंद किसान, निवासी, धौरपुर।
बिजली नहीं आ रही है। दस बीघा में धान की फसल है, जिसमें पानी नहीं लग पा रहा। जब तक आपूर्ति बहाल नहीं होती यहां रहेंगे। -मुन्नीलाल, किसान, गांव धौरपुर।
रात्रि के समय बारिश के कारण 132 केवी लाइन में फॉल्ट हो गया था। जिसके चलते गांव पवलोई पास लाइन की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत पूरी होते ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। -सुरेंद्र सिंह शर्मा, उपखंड अधिकारी, सलेमपुर।
ग्रामीणों ने एसई को ज्ञापन सौपा
हाथरस। बिजली कटौती की समस्या को लेकर मंगलवार को कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों ने पहले उपकेंद्र पर पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया और उसके बाद शहर के मथुरा रोड ओढ़पुरा स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे। जहां इन लोगों ने बिजली कटौती की समस्या को लेकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने ज्ञापन देते हुए कहा कि लगभग पिछले 20 दिन से किसान उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति नहीं मिल रहीं है, यदि थोड़ी बहुत विद्युत आपूर्ति मिलती भी है तो फीडर ओवरलोड होने की वजह 33 केवी की लाइन टूटकर गिर जाती है। यह समस्या पिछले 2 वर्षों से बनी हुई है। पूर्व से अधिकारी आश्वासन दे रहे हैं कि शीघ्र ही फीडर की क्षमता वृद्धि कराई जाएगी। उपकेंद्र के लिए लिए नई लाइन बनाई जाएगी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। झूठे आश्वासनों की वजह से किसान उपभोक्ता बर्बादी के कगार पर हैं और आंदोलन करने पर मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि दिन और रात में निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक ही विद्युत आपूर्ति मुहैया कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में राज कुमार सिंह, चंद्रपाल, दिनेश कुमार, होती लाल, दिनेश कुमार, राजवीर सिंह, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।