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Hathras News: पुलिया के निर्माण पर रार, 21 लाख के टेंडर से उठे सवाल
Tue, 27 Oct 2026 01:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 27 Oct 2026 01:06 AM IST
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आगरा रोड स्थित रजबहे पर निर्माणाधीन पुलिया। संवाद
- फोटो : Samvad
हाथरस। गिजरौली स्थित रजबहा पर पुलिया के निर्माण से दो विभागों की भूमिका कटघरे में है। जिस निर्माण को सिंचाई विभाग अवैध बता रहा है, उसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना के तहत 21 लाख रुपये का टेंडर जारी किया था। अब दोनों ही विभाग कह रहे हैं कि निर्माण कौन करा रहा है, हमें नहीं मालूम।
मामला तब प्रकाश में आया, जब गिजरौली पर राधा ऑर्चिड के सामने रजबहा पर नियमों को ताक पर रखकर पुलिया का निर्माण शुरू हुआ। जब इस संबंध में पड़ताल की गई तो सिंचाई विभाग ने साफ पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह निर्माण उनकी तरफ से नहीं कराया जा रहा और यह पूरी तरह अवैध है।
हालांकि सवाल यह उठता है कि अवैध निर्माण होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? जबकि सींचपाल अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं कि यह निर्माण अवैध तथा इसे रुकवाया जाए। इसके बाद परतें खुलीं तो ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की भूमिका पर भी बड़े सवालिया निशान लग गए।
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सामने आया कि आरईडी विभाग द्वारा इस पुलिया के निर्माण के लिए 14 सितंबर 2026 को टेंडर निकाला था, लेकिन जब मामला सुर्खियों में आया तो विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अब विभाग यह दलील दे रहा है कि टेंडर निकाला जरूर गया था, लेकिन बजट न होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया और कोई वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि जब बजट नहीं था तो टेंडर निकला किस आधार पर निकाला गया।
कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने की चर्चा
इलाके में दबी जुबान में चर्चा है कि इस पूरी कवायद के पीछे एक रसूखदार कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने का बड़ा खेल चल रहा है। बहरहाल, इस खुलासे के बाद महकमे में खलबली मची हुई है और जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
रजबहा पर जो निर्माण हो रहा है, वह अवैध है। अभी तक विभाग से पुलिया निर्माण के लिए कोई एनओसी नहीं ली गई है। उसे रुकवाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
-चंद्रमौली द्विवेदी, एक्सईएन सिंचाई विभाग
हमारे विभाग से कोई निर्माण नहीं किया जा रहा है। हमने टेंडर जरूर निकाला था, लेकिन बजट न होने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया है। निर्माण से विभाग का कोई सरोकार नहीं है। हमें नहीं पता कि निर्माण कौन करा रहा है।
-अशोक शर्मा, एक्सईएन, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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मामला तब प्रकाश में आया, जब गिजरौली पर राधा ऑर्चिड के सामने रजबहा पर नियमों को ताक पर रखकर पुलिया का निर्माण शुरू हुआ। जब इस संबंध में पड़ताल की गई तो सिंचाई विभाग ने साफ पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह निर्माण उनकी तरफ से नहीं कराया जा रहा और यह पूरी तरह अवैध है।
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हालांकि सवाल यह उठता है कि अवैध निर्माण होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए? जबकि सींचपाल अपनी रिपोर्ट दे चुके हैं कि यह निर्माण अवैध तथा इसे रुकवाया जाए। इसके बाद परतें खुलीं तो ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की भूमिका पर भी बड़े सवालिया निशान लग गए।
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सामने आया कि आरईडी विभाग द्वारा इस पुलिया के निर्माण के लिए 14 सितंबर 2026 को टेंडर निकाला था, लेकिन जब मामला सुर्खियों में आया तो विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अब विभाग यह दलील दे रहा है कि टेंडर निकाला जरूर गया था, लेकिन बजट न होने के कारण इसे निरस्त कर दिया गया और कोई वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया। अब सवाल यह है कि जब बजट नहीं था तो टेंडर निकला किस आधार पर निकाला गया।
कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने की चर्चा
इलाके में दबी जुबान में चर्चा है कि इस पूरी कवायद के पीछे एक रसूखदार कॉलोनाइजर को फायदा पहुंचाने का बड़ा खेल चल रहा है। बहरहाल, इस खुलासे के बाद महकमे में खलबली मची हुई है और जिम्मेदार अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
रजबहा पर जो निर्माण हो रहा है, वह अवैध है। अभी तक विभाग से पुलिया निर्माण के लिए कोई एनओसी नहीं ली गई है। उसे रुकवाने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
-चंद्रमौली द्विवेदी, एक्सईएन सिंचाई विभाग
हमारे विभाग से कोई निर्माण नहीं किया जा रहा है। हमने टेंडर जरूर निकाला था, लेकिन बजट न होने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया है। निर्माण से विभाग का कोई सरोकार नहीं है। हमें नहीं पता कि निर्माण कौन करा रहा है।
-अशोक शर्मा, एक्सईएन, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग