हसायन हादसा: आधी रात को शवों को देख सीएचसी में मची चीख-पुकार, मासूमों के शव देख हर आंख हुई नम
पुलिया के दोनों ओर प्रकाश की व्यवस्था न होने के चलते गाड़ी में फंसे लोगों को निकालने के लिए सबसे पहले गाड़ी का दरवाजा और शीशा तोड़ा गया। इसके बाद दरवाजे को खोलकर एक-एक कर सभी घायलों को अंदर से निकाला गया। ग्रामीणों ने गाड़ी को तिरछा किया। इसके बाद गाड़ी से लोगों को निकाला गया।
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हाथरस में बरसामई के निकट हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों व घायलों के परिजन 13 फरवरी की रात को ही सीएचसी सिकंदराराऊ पहुंच गए। आधी रात को शवों को देखते ही वहां चीख-पुकार मच गई। मासूमों के शवों को देख हर आंख नम हो गई। परिजन एक-दूसरे को ढांढ़स बंधाते नजर आए।
कार के ईशन नदी में गिरने की सूचना मिलते ही अलीगढ़ में चल रहे मंडप के कार्यक्रम से रिश्तेदार व अन्य परिजन मौके की ओर दौड़ पड़े। कुछ परिजन सीधे अस्पताल में पहुंचे तो कुछ सीधे घटनास्थल की दौड़ पड़े। यहां तक कि मंजू के गांव में फोन करने के बाद ग्रामीण व परिजन अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों की आंखें अपनों को तलाशती नजर आईं।
जैसे ही ग्रामीणों ने मृतकों में मासूम काव्या और भूमि को देखा तो उनकी आंखें छलक उठीं। अस्पताल में हर तरफ रोते-बिलखते परिजन दिखाई दिए। इसके बाद मृतक नगेंद्रपाल सिंह और पूनम के शवों को देख लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेजा। इधर, पोस्टमार्टम गृह पर गांव सराय राजनगर से बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
रुस से बेटे के आने पर होगा अंतिम संस्कार
मृतक नगेंद्र पाल सिंह उर्फ बबलू के दो बेटियां शिवानी व झलक और एक बेटा आकाश है। आकाश रूस में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। झलक जीएनएम की पढ़ाई कर रही है। घटना की सूचना परिजनों ने रूस में आकाश को दे दी है। आकाश रूस से शनिवार को फ्लाइट से दिल्ली पहुंचेगा। वह सुबह करीब 10 बजे तक घर पहुंचेगा। इसके बाद शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मोबाइल की टॉर्च जलाकर निकाले गए फंसे लोग व शव
ईशन नदी की पुलिया की गहराई करीब 18 फुट है। पुलिया के नीचे करीब चार फुट पानी है। जब गाड़ी इस पुलिया से गिरी तो बचाव के लिए मौके पर लोग पहुंचे। पुलिया के दोनों ओर प्रकाश की व्यवस्था न होने के चलते गाड़ी में फंसे लोगों को निकालने के लिए सबसे पहले गाड़ी का दरवाजा और शीशा तोड़ा गया। इसके बाद दरवाजे को खोलकर एक-एक कर सभी घायलों को अंदर से निकाला गया। ग्रामीणों ने गाड़ी को तिरछा किया। इसके बाद गाड़ी से लोगों को निकाला गया।
पानी में डूबने से हुई चारों की मौत, श्वास नली में भर गया था पानी
चारों शवों का दोपहर में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मासूमों के साथ सभी मृतकों की श्वास नली में गंदा पानी भर गया था। इसके चलते नगेंद्रपाल सिंह, पूनम, काव्या और भूमि की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह भी स्थिति साफ हुई है कि बच्चों की श्वास नली में पानी भरने से दम घुट गया और जान चली गई। इधर, नागेंद्र के सिर पर भी चोट के निशान हैं। गाड़ी का शीशा टूटने की वजह से यह चोट लगी है।