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थाने के बाहर दिया धरना, पुलिस पर आरोप

Wed, 20 Apr 2016 12:13 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 20 Apr 2016 12:13 AM IST
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Encompass station outside , police accused
सतेंद्र हत्याकांड से सूरी का नाम निकाले जाने पर हाथरस गेट थाने के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे सतेंद्र के परिजन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। सतेंद्र हत्याकांड में आरोपियों में से एक अश्वनी सूरी को निर्दोष बताकर उनका नाम चार्जशीट में शामिल नहीं करने के पुलिस के निर्णय पर सतेंद्र के परिजन भड़क गए। मृतक की मां,  दोनों भाई, पत्नी, बच्चे और अन्य रिश्तेदार थाने के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए। परिजनों ने पुलिस पर उन्हें समझौते के लिए धमकाने और रुपयों का लालच देने का भी आरोप लगाया। हालांकि कई घंटे तक चली रस्साकशी के बाद सीओ और परिजनों के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद परिवार के लोग धरना समाप्त करने पर सहमत हो गए। 
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परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने 22 जनवरी को खुलासा कर कहा था कि सतेंद्र की हत्या की आरोपी युवती, उसके पति और अश्वनी सूरी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है और अब पुलिस यह कह रही है कि अश्वनी सूरी निर्दोष हैं। पहले वाली पुलिस सच कह रही थी या अब की पुलिस? सतेंद्र के भाई मुकेश ने सवाल उठाया कि तय समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने में इसलिए देरी की, क्योंकि पुलिस अश्वनी सूरी को बचाना चाहती है। 
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हत्या के बाद मुकदमा दर्ज कराने वाले सतेंद्र के भाई सचिन ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें समझौता करने के लिए धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस के कई लोग उन्हें फोन कर समझौता करने को कह रहे हैं और रुपयों का लालच भी दिया जा रहा है। 
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कई घंटे तक पुलिस परिजनाें को धरने से उठाने की कोशिश में लगी रही। कई बार एसओ केपी सिंह और परिजनों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। एहतियातन महिला थाने की पुलिस और सीओ को थाना हाथरस गेट बुला लिया गया। परिजनों को धरना समाप्त करने के लिए नोटिस भी दिया गया और उनकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस की तैयारी परिजनों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की थी। हालांकि बाद में पुलिस परिजनों को यह समझाने में कामयाब रही कि पहले जल्दबाजी में किए गए खुलासे में अश्वनी सूरी को जेल भेज दिया गया था। बाद में विवेचना होने पर आला पुलिस अधिकारियों को इस गलती का अहसास हुआ और सूरी को चार्जशीट से बाहर करने का निर्णय लिया गया। सीओ सुधीर कुमार त्यागी और परिजनों के बीच देर तक हुई बातचीत के बाद उन्हें पुलिस की बात समझ आ गई और वे चले गए।
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