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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Claimed the lives of dogs and reindeer

कुत्तों ने ली एक और हिरन की जान

Fri, 06 May 2016 11:17 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 06 May 2016 11:17 PM IST
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हाथरस। वन विभाग की लापरवाही से एक और काला हिरन कुत्तों का शिकार बन गया। सुबह तड़के पानी की तलाश में निकलें हिरन गांव के नजदीक पहुंच गए। हिरनों को देखते ही कुत्ते पीछे पड़ गए। दो हिरनों ने किसी तरह दौड़कर अपनी जान बचाई। लेकिन एक नर काले हिरन को कुत्तों ने मार दिया। गांव वालों की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने हिरन के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है।
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घटना सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया की है। वन्य जीव संरक्षण समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह की मानें तो शुक्रवार की सुबह लम्बे सींग वाले काले हिरन का शव टटी डंडिया के पास मिला था। शव देखते ही इसकी सूचना वनकर्मियों को दे दी गई। थोड़्ी ही देर में वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंच गई। हिरन के शव को टीम अपने साथ ले गई। गांववासियों का कहना है कि कुत्तों द्वारा हिरनों के शिकार की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार हिरन मारे जा चुके हैं। पिछले चार दिनों में हिरन के मारे जाने की यह दूसरी घटना है। पानी और चारे की तलाश में हिरन जंगल से निकालकर गांव के नजदीक आ जाते हैं। जिसका फायदा कुत्ते और शिकारी उठा लेते हैं। 
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अमर उजाला पहले ही जता चुका था आशंका
तीन मई को अमर उजाला ने अपने अंक में प्यासें भटक रहे हैं दुर्लभ सफेद हिरन नाम से प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। एंचोला सहादतपुर के जंगलों में अमर उजाला की टीम ने पड़ताल की थी। टीम ने आशंका जताई थी कि पानी और चारे की तलाश में हिरन जंगल से निकलकर गांव की ओर रुख कर रहे हैं। दुर्लभ सफेद हिरन की फोटो भी प्रकाशित की गई थी। 
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वर्जन.....................................
इस हिरन का शिकार गुरुवार की रात को किया गया था। इसकी जानकारी मुझे शुक्रवार की सुबह मिली तो कर्मियों की टीम मौके पर भेजकर पोस्टमार्टम करा दिया गया। हिरनों को संरक्षित क्षेत्र से बाहर जाने से रोकने के लिए वन खंड में सुरक्षा खाई खुदी हुई है, जिसमें पानी भरवाने का प्रबंध किया जा रहा है, ताकि वहीं हिरन पानी पी सकें। इस खाई में पानी पहुंचाने के लिए नाले से बोरिंग करवाई जा रही है।

-एके कश्यप, डीएफओ हाथरस

 
हिरनों की सलामती को संस्थाओं से लेंगे मदद 
हाथरस। सिकंदराराऊ के जंगलों में विचरने वाले दुर्लभ काले, सफेद और लाल हिरनों की हिफाजत के लिए अब वन्य जीव संरक्षण समिति जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और वकीलों से भी मदद मांगेगी। समिति बार-बार चेताने के बावजूद अभी तक प्रशासन और वन विभाग द्वारा हिरनों की हिफाजत और चारे-पाने का इंतजाम नहीं किए जाने से भी नाराज है। समिति के अध्यक्ष वीरपाल सिंह का कहना है कि वन्य जीवों को जिंदा रखने के लिए अधिवक्ता संगठन, व्यापार मंडल, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा सामाजिक व स्वयंसेवी संस्थाओं से मिलकर मदद मांगने का निर्णय लिया है। उन्हें उम्मीद है कि निश्चित रूप से यह संस्थाएं इन बेजुबानों की मदद के लिए आगे आएंगी। 
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