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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Court fees are not reimbursed strict

शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं होने पर हाईकोर्ट सख्त

Sat, 09 Apr 2016 12:03 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 09 Apr 2016 12:03 AM IST
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हाथरस। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों के शुल्क की प्रतिपूर्ति नहीं होने पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। कोर्ट ने छह अप्रैल को दिए अपने आदेश में समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव से पूछा है कि शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम छात्रों के खाते में ट्रांसफर करने की जगह सीधेे विवि के खाते में क्यों नहीं भेजी जाती। 
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दरअसल, अधिकारियाें की लापरवाही से छात्रों के खाते में कई साल तक शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम नहीं पहुंचती, जिससे वह इस रकम को कॉलेज को नहीं लौटा पाते। कई बार कॉलेज ऐसे छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से रोक देते हैं। फीस की रकम सीधे विवि या कॉलेज के खाते में जाने से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी और कॉलेज उन्हें परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकेंगे। 
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कोर्ट ने समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव से दस दिन के अंदर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। उन्हें अपने शपथ पत्र में यह भी बताना होगा कि कितनी राशि शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में छात्रों को इस सत्र में दी गई है और कितनी अभी शेष है। हाथरस के एमजी पॉलीटेक्टिन कॉलेज के 66 छात्रों ने परीक्षा में नहीं बैठने देने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। छात्रों ने कहा था कि पिछले तीन सत्रों से शुल्क की प्रतिपूर्ति नहीं हुई है। परीक्षा में नहीं बैठने देने से उनका भविष्य चौपट हो जाएगा, जबकि शुल्क प्रतिपूर्ति नहीं होने में उनकी कोई गलती नहीं। कोर्ट ने सभी छात्रों को राहत देते हुए कॉलेज प्रशासन को छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने संस्था के प्रिंसिपल को भी 23 मई से पहले अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके अलावा सभी प्रतिवादी पक्षों से शपथ पत्र दाखिल करने को कहा गया है। कोर्ट ने कहा है कि छात्रों पर फीस जमा करने का दबाव नहीं डाला जाएगा और उन्हें परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा। कोर्ट के आदेश की प्रति छात्रों ने डीएम और प्रिंसिपल को साैंप दी है। आदेश से राहत महसूस करते हुए एक छात्र ने बताया कि कोर्ट में याचिका दायर करने के चंद रोज बाद इस सत्र की फीस खाते में पहुंच गई है। कॉलेज के दबाव में कई छात्रों ने अपनी जेब से फीस जमा कर दी है, जिसे कॉलेज को लौटाना चाहिए।
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