दोस्तों से कहकर आए थे: अंग्रेजी की अच्छी तैयारी करके आएंगे, पर होनी को मंजूर कुछ और था
यूपी बोर्ड का नियम है कि परीक्षा केंद्र पांच किमी के दायरे में बनना चाहिए, लेकिन दोनों हाथरस रोड पर गांव अमौसी के राजकीय हाईस्कूल के छात्र थे। इनका परीक्षा केंद्र 15 किमी दूर गांव विधिपुर के रानी अवंतीबाई इंटर कॉलेज में बना दिया गया।
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विज्ञान का पेपर करने के बाद जब अमित और आशीष दोनों एक साथ घर जाने के लिए निकले तो दोस्तों से बातचीत की और पेपर में हल किए गए प्रश्नों के उत्तर भी साझा किए। दोनों दोस्तों से कहकर आए थे कि अगली बार अंग्रेजी के पेपर की अच्छी तैयार करके आएंगे।
पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे दोनों के परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद दोस्तों ने बताया कि पेपर अच्छा होने की कहकर निकले थे। यह भी कहकर गए थे कि अब अंग्रेजी का पेपर है, इसकी अच्छी तैयारी करनी है। अंग्रेजी की परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें कई दिन मिल गए हैं। अब सात मार्च को अंग्रेजी के पेपर में मिलेंगे। हादसे के वक्त उनके साथियों की आंखें नम हो गईं।
गांव कोंडरा जहांगीरपुर निवासी बौबी सिंह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बड़े बेटे 16 वर्षीय अमित की मौत से परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों को रह-रहकर यह अफसोस हो रहा है कि जिस बेटे के भविष्य को लेकर उन्होंने सुनहरे सपने देखे थे, वह बीच में ही उनका साथ छोड़कर चला गया। परिवार में अमित के अलावा बेटी ज्योति (14), बेटा सुमित (8) और रोशनी (6) हैं। बड़े बेटे की मौत ने परिवार के सदस्यों को झकझोर कर रख दिया है। दोनों छोटी बहनें और छोटा भाई बड़े भाई अमित के लौटने की राह देख रहे हैं।
इधर, गांव निवासी मृतक आशीष (15) की अमित से अच्छी दोस्ती थी। अमित और आशीष दोनों ही एक साथ पेपर देने के लिए अगसौली क्षेत्र के गांव विधिपुर स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी इंटर कॉलेज में जाते थे। आशीष के परिजनों ने बताया कि वह सुबह अपने दोस्त अमित के साथ परीक्षा देने के लिए निकला था।
आशीष के बड़े भाई आकाश की शादी हो चुकी है। परिवार में अब दो बहनें आरती और निशा हैं। आशीष की मौत से उसके परिजन भी सदमे की हालत में हैं। देर शाम दोनों के शव गांव पहुंचे तो वहां कोहराम मच गया। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों के घ्ज्ञरों पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है।
15 किमी दूर बनाया परीक्षा केंद्र
यूपी बोर्ड का नियम है कि परीक्षा केंद्र पांच किमी के दायरे में बनना चाहिए, लेकिन दोनों हाथरस रोड पर गांव अमौसी के राजकीय हाईस्कूल के छात्र थे। इनका परीक्षा केंद्र 15 किमी दूर गांव विधिपुर के रानी अवंतीबाई इंटर कॉलेज में बना दिया गया। यह परीक्षा केंद्र कासगंज मार्ग पर है। इस मार्ग पर इन-दिनों निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए सड़क क्षतिग्रस्त है और डायवर्जन है। नियमानुसार अगर इनका परीक्षा केंद्र पांच किमी के दायरे में होता तो इन्हें इतनी दूर परीक्षा देने नहीं जाना पड़ता।