वायु प्रदूषण: चेहरे पर जलन व हाथों में खुजली ने बढ़ाई परेशानी, हाथरस जिला अस्पताल में नहीं चर्म रोग विशेषज्ञ
हाथरस जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। एक साल पहले यहां से विशेषज्ञ चिकित्सक का स्थानांतरण हो चुका है, तब से यह पोस्ट खाली है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को फिजीशियन को ही निपटाने होते हैं।
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वायु प्रदूषण से लोग त्वचा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। चेहरे पर जलन व खुजली के मरीजों की संख्या बढ़ी है। 25 अक्तूबर को जिला अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या अधिक रही।
दिवाली बाद 24 अक्तूबर को ओपीडी खुलते ही काफी संख्या में लोग परीक्षण के लिए पहुंचे थे। 25 अक्तूबर को भी यही हालात रहे। शनिवार को सभी सात चिकित्सक ओपीडी में मौजूद रहे। पर्चा काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लग गई। इसके बाद फिजीशियन डॉ. अवधेश कुमार व डॉ. वरुण चौधरी के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ रही। शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे तक 2144 पर्चे बने। इनमें अधिकतर मरीज फिजीशियन से संबंधित रहे। इनके अलावा चर्म रोग के मरीज भी अस्पताल में पहुंचे। डॉ. अवधेश कुमार ने 65 मरीज खुजली व अन्य स्किन इन्फेक्शन से संबंधित पहुंचे। इनके अलावा डॉ. वरुण व डॉ. नीता जैन पर भी स्किन के मरीज पहुंचे। शनिवार को लगभग 116 मरीज स्किन से संबंधित रहे।
चेहरे व शरीर में खुजली की समस्या हो गई है। नियमित नहाने के बाद भी यह दिक्कत है। रात में सोना भी मुश्किल हो जाता है। यहां आकर पता चला कि त्वचा विशेषज्ञ नहीं है। - संत किशोर, नगला दया
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हाथ-पैरों की त्वचा पर पपड़ी सी जम गई है। इसमें खुजली होती है। सुना था कि यहां त्वचा के डॉक्टर अच्छे हैं, लेकिन अस्पताल आकर देखा तो इस रोग के चिकित्सक ही नहीं हैं।- सुमन, वीर नगर, हाथरस जंक्शन
त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका है। मरीजों की परेशानी को देखते हुए अन्य चिकित्सकों की भी मांग की गई है।-डॉ.सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
वायु प्रदूषण की वजह से बढ़ी संख्या
डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण व तापमान में गिरावट के कारण त्वचा खुश्क हो रही है। इसलिए खुजली व जलन की समस्या बढ़ रही है। खुश्क त्वचा फट जाती है, जिसके बाद धूल मिट्टी से संक्रमण फैलता है।
अस्पताल में नहीं हैं विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। एक साल पहले यहां से विशेषज्ञ चिकित्सक का स्थानांतरण हो चुका है, तब से यह पोस्ट खाली है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को फिजीशियन को ही निपटाने होते हैं।