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हींग की खुशबू को विदेशों तक पहुंचाने की कवायद
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:49 PM IST
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हींग की खुशबू को विदेशों तक पहुंचाने की कवायद
क्रासर
शासन स्तर से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट के तहत 1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत
सब्सिड़ी के रूप में दी जाएगी उद्यमियों को यह धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत उद्योगों को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए सहायता योजना संचालित करने के लिए शासन स्तर से स्वीकृति दे दी गई है। इस स्वीकृति के बाद जिले के हींग उद्योग को गति मिल सकती है। शासन की मंशा है कि यह उद्योग विदेशों तक अपनी पहचान बनाए। इसे लेकर यहां के उद्यमियों को एक जनपद एक उत्पाद के तहत मिलने वाले ऋण के लिए शासन स्तर से डेढ़ करोड़ रुपये की सब्सिड़ी दिए जाने के लिए आदेश जारी कर दिए गए है। इस आदेश के आने के बाद जिला उद्योग केंद्र में तैयारियों को शुरू कर दिया गया है।
इस योजना के तहत 25 लाख का ऋण लेने वाले उद्यमी को अधिकतम 25 फीसदी धनराशि अनुदान के रुप में दी जाएगी। 25लाख से 50 लाख तक की कुल परियोजना लागत के उद्योगों को 20 प्रतिशत धनराशि अनुदान के रूप में देय होगी। वही सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को लागत का 10 फीसदी अंशदान व अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला एवं दिव्यांगजन श्रेणी के लाभार्थियों को 5 फीसदी अंशदान के रूप में जमा करना होगा। शासन स्तर से यह निर्देश जारी कर दिए गए है, इस धनराशि से उन्हीं उद्योगों को लाभांवित किया जाएगा, जो उद्योग वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट के तहत चयनित किए गए है। इस योजना के लाभ के लिए जिले पर 6 सदस्यीय जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी गठित की जाएगी। इस कमेटी द्वारा ही लाभार्थी का चयन किया जाएगा। वही शासन स्तर से यह भी निर्देश जारी किए गए है कि उद्यमी के चयन के उपरांत 7 दिन के अंदर बैंक शाखा को फाइल भेज दी जाएगी। बैंक शाखा द्वारा सभी लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और एक माह के अंदर पहली किश्त भी जारी की जाएगी। ऋण की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।
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शासन स्तर से जिले में ओडीओपी के तहत वित्तीय मंजूरी मिल गई है। करीब 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि सब्सिड़ी के रूप में उद्यमियों को वितरित की जाएगी। हींग उद्योग को बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रयासरत है।
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रितेश बंसल, सहायक प्रबंधक, डीआईसी
हींग की खुशबू को विदेशों तक पहुंचाने की कवायद
क्रासर
शासन स्तर से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट के तहत 1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत
सब्सिड़ी के रूप में दी जाएगी उद्यमियों को यह धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत उद्योगों को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए सहायता योजना संचालित करने के लिए शासन स्तर से स्वीकृति दे दी गई है। इस स्वीकृति के बाद जिले के हींग उद्योग को गति मिल सकती है। शासन की मंशा है कि यह उद्योग विदेशों तक अपनी पहचान बनाए। इसे लेकर यहां के उद्यमियों को एक जनपद एक उत्पाद के तहत मिलने वाले ऋण के लिए शासन स्तर से डेढ़ करोड़ रुपये की सब्सिड़ी दिए जाने के लिए आदेश जारी कर दिए गए है। इस आदेश के आने के बाद जिला उद्योग केंद्र में तैयारियों को शुरू कर दिया गया है।
इस योजना के तहत 25 लाख का ऋण लेने वाले उद्यमी को अधिकतम 25 फीसदी धनराशि अनुदान के रुप में दी जाएगी। 25लाख से 50 लाख तक की कुल परियोजना लागत के उद्योगों को 20 प्रतिशत धनराशि अनुदान के रूप में देय होगी। वही सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को लागत का 10 फीसदी अंशदान व अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला एवं दिव्यांगजन श्रेणी के लाभार्थियों को 5 फीसदी अंशदान के रूप में जमा करना होगा। शासन स्तर से यह निर्देश जारी कर दिए गए है, इस धनराशि से उन्हीं उद्योगों को लाभांवित किया जाएगा, जो उद्योग वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट के तहत चयनित किए गए है। इस योजना के लाभ के लिए जिले पर 6 सदस्यीय जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी गठित की जाएगी। इस कमेटी द्वारा ही लाभार्थी का चयन किया जाएगा। वही शासन स्तर से यह भी निर्देश जारी किए गए है कि उद्यमी के चयन के उपरांत 7 दिन के अंदर बैंक शाखा को फाइल भेज दी जाएगी। बैंक शाखा द्वारा सभी लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और एक माह के अंदर पहली किश्त भी जारी की जाएगी। ऋण की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।
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शासन स्तर से जिले में ओडीओपी के तहत वित्तीय मंजूरी मिल गई है। करीब 1.50 करोड़ रुपये की धनराशि सब्सिड़ी के रूप में उद्यमियों को वितरित की जाएगी। हींग उद्योग को बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रयासरत है।
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रितेश बंसल, सहायक प्रबंधक, डीआईसी