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सवर्णों के आंदोलन की सूचना ने पुलिस की उड़ाई नीद
Updated Sun, 23 Sep 2018 11:46 PM IST
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हेडिंग-
सवर्णों के आंदोलन की सूचना ने पुलिस की उड़ाई नींद
क्रासर-
23 सितंबर को होना था पुरानी कलक्ट्रेट में विशाल आंदोलन
कोतवाली पुलिस ने कुछ नामचीन लोगों के घरों पर दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। पुरानी कलक्ट्रेट में सवर्णों के आंदोलन की सूचना ने पुलिस कनी नीद उड़ा दी, तभी तो पुलिस रातभर कुछ प्रमुख लोगों की तलाश में इधर से उधर भागती रही। हालांकि आंदोलन को सवर्ण परिषद के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से अनुमति मिलने तक टाल दिया।
एससी/एसटी एक्ट के विरोध में रविवार को पुरानी कलक्ट्रेट में सर्वण परिषद के लोगों को विशाल धरना प्रदर्शन प्रस्तावित था, लेकिन जिला प्रशासन व पुलिस ने इसकी की अनुमति नहीं दी। लेकिन पुलिस को कहीं न कहीं शक था कि सवर्ण परिषद के लोग धरना प्रदर्शन जरुर करेंगे, तभी तो कोतवाली पुलिस ने शहर के कई प्रमुख लोगों के यहां दौड़ लगाई। इस बात को लेकर सवर्ण परिषद के लोगों में काफी रोष है, उनका आरोप है कि उनके घर पर पुलिस क्यों गई, उन्होंने तो कोई अपराध नहीं किया था। हालांकि सवर्ण परिषद की बैठक 22 सितंबर को हुई, जिसमें 23 सितंबर को होने वाले आंदोलन को अनुमति न मिलने के कारण स्थिगित कर दिया गया था। ककोतवाल जेएस पंवार ने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की अशांति न हो, इसी बात को ध्यान में रखकर पुलिस ने सतर्कता दिखाई। शांति व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस व आमजन का कार्य है।
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सवर्णों के आंदोलन की सूचना ने पुलिस की उड़ाई नींद
क्रासर-
23 सितंबर को होना था पुरानी कलक्ट्रेट में विशाल आंदोलन
कोतवाली पुलिस ने कुछ नामचीन लोगों के घरों पर दी दबिश
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस। पुरानी कलक्ट्रेट में सवर्णों के आंदोलन की सूचना ने पुलिस कनी नीद उड़ा दी, तभी तो पुलिस रातभर कुछ प्रमुख लोगों की तलाश में इधर से उधर भागती रही। हालांकि आंदोलन को सवर्ण परिषद के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से अनुमति मिलने तक टाल दिया।
एससी/एसटी एक्ट के विरोध में रविवार को पुरानी कलक्ट्रेट में सर्वण परिषद के लोगों को विशाल धरना प्रदर्शन प्रस्तावित था, लेकिन जिला प्रशासन व पुलिस ने इसकी की अनुमति नहीं दी। लेकिन पुलिस को कहीं न कहीं शक था कि सवर्ण परिषद के लोग धरना प्रदर्शन जरुर करेंगे, तभी तो कोतवाली पुलिस ने शहर के कई प्रमुख लोगों के यहां दौड़ लगाई। इस बात को लेकर सवर्ण परिषद के लोगों में काफी रोष है, उनका आरोप है कि उनके घर पर पुलिस क्यों गई, उन्होंने तो कोई अपराध नहीं किया था। हालांकि सवर्ण परिषद की बैठक 22 सितंबर को हुई, जिसमें 23 सितंबर को होने वाले आंदोलन को अनुमति न मिलने के कारण स्थिगित कर दिया गया था। ककोतवाल जेएस पंवार ने कहा कि शहर में किसी भी प्रकार की अशांति न हो, इसी बात को ध्यान में रखकर पुलिस ने सतर्कता दिखाई। शांति व्यवस्था को बनाए रखना पुलिस व आमजन का कार्य है।
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