Hathras News: नहर की पटरी कटी, 1000 बीघा फसल जलमग्न
पटरी कटने से गुड्डो सिंह, राम प्रताप सिंह, नरोत्त्तम सिंह, रनवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, युवराज सिंह, जयपाल सिंह, गिर्राज सिंह्र राकेश सिंह, साेमवीर सिंह सहित करीब 70 किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। क्षेत्रीय लेखपाल अतुल कुमार ने मौके पर पहुंचकर डूबी फसल का जायजा लिया है ।
विस्तार
हाथरस के गांव रसगवां में शनिवार की देर रात को हाथरस नहर की पटरी कटने से किसानों की पकी खड़ी धान एवं बाजरा की करीब 1000 बीघा फसल जलमग्न हो गई। जलमग्न होने के कारण फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
सुबह चार बजे जब ग्रामीण खेतों में धान एवं बाजरा काटने जा रहे थे, तब उनको इस बारे में पता लगा। आनन-फानन सिंचाई विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद मांट ब्रांच से नहर में पानी की आपूर्ति को बंद किया गया। करीब चार घंटे बाद सींचपाल, जेई एवं एई मौके पर पहुंच गए और जेसीबी आदि की मदद से पानी की रोकथाम के प्रयास शुरू किए।
फसल को जलमग्न देखकर किसानों के पसीने छूट गए। इन खेतों में धान व बाजरे की पकी फसल खड़ी हुई थी। किसान इस फसल को काटकर अपनी मेहनत व मुनाफे को कमाने की आस में बैठे थे, लेकिन नहर के पानी ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
पटरी कटने से गुड्डो सिंह, राम प्रताप सिंह, नरोत्त्तम सिंह, रनवीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, युवराज सिंह, जयपाल सिंह, गिर्राज सिंह्र राकेश सिंह, साेमवीर सिंह सहित करीब 70 किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। क्षेत्रीय लेखपाल अतुल कुमार ने मौके पर पहुंचकर डूबी फसल का जायजा लिया है ।
रसगवां में हर साल नहर की कटती है पटरी, अफसर बेपरवाह
गांव रसगवां से गुजरने वाली नहर की पटरी साल में एक बार अवश्य कटती है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव से हाथरस की ओर लगभग तीन किमी तक नहर खेतों से काफी ऊंची है और खेती इससे नीचे हैं। इस कारण प्राय: इस गांव के पास ही नहर की पटरी कट जाती है और हर साल फसल डूबने से लाखों का नुकसान हो जाता है। नहर की पटरी कटने से नष्ट हुई फसल का आज तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
बाकी पर खेत लेने वालों को ज्यादा नुकसान
इस विपदा से वह लोग ज्यादा परेशान हैं, जिन्होंने अन्य किसानों को पैसा देकर उनका खेत लिया है। उन्होंने तो पूरे साल का पैसा खेत के स्वामी को दे दिया, लेकिन उनकी मेहनत की कमाई नहर के पानी में बह गई। नहर के पानी से शिवनंदन, दुष्यंत सिंह, सुखवीर सिंह, विक्रम सिंह, राधाचरण, सोमवीर बघेल, मुकेश, उदयवीर सिंह, गजेंद्र सिंह की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई।ल की थी ।
जेसीबी भी कार्य करते समय नहर में फंसी
रसगवां में नहर की पटरी की मरम्मत के लिए पहुंची जेसीबी नहर के पानी के अंदर बनी दलदल में बुरी तरह फंस गई। काफी मशक्कत के बाद जेसीबी को नहर के मध्य से निकाला गया। समाचार लिखे जाने तक नहर की पटरी की मरम्मत नहीं हो पाई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर के पानी खत्म होने का इंतजार कर रहे है। नहर विभाग के अधिकारी सुबह आठ बजे के लगभग मौके पर पहुंच गए थे।
प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचे मौके पर
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगवीर सिंह एडवोकेट ने बताया कि उन्होंने सुबह लगभग साढ़े चार बजे क्षेत्रीय लेखपाल एवं सिंचाई विभाग को नहर की पटरी कटने की सूचना दे दी थी। विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी आठ बजे पहुंचे। राजस्व विभाग से महज लेखपाल मौके पर आए।
नहर की पटरी किस प्रकार कटी, इसकी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों के लिखा जाएगा। -प्रशांत कुमार, सहायक अभियंता सिंचाई