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Hardoi News: अचार बनाकर महिलाओं ने आर्थिक समृद्धि की पकड़ी राह
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हरदोई। गांव की महिलाओं ने चूल्हा-चौका और घर के कामकाज के साथ समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की कहानी लिखी है। बिलग्राम के कोला गांव निवासी सहेली राजपूत, सोमवती और शकुंतला राजपूत ने अचार बनाकर आर्थिक समृद्धि की राह पकड़ी है। महिलाओं की तरफ से तैयार अचार की आपूर्ति जिले के साथ कानपुर जनपद में की जाती है।
कोला गांव की सहेली राजपूत ने सोमवती और शकुंतला राजपूत के साथ मिलकर साल 2023 में स्वरोजगार स्थापित किए जाने का मन बनाया। उन महिलाओं ने गांव की और दस महिलाओं को जोड़कर समृद्धि आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह का गठन किया। सहेली राजपूत ने अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। बताया कि समूह से जुड़ी महिलाओं में बचत की आदत डाली गई। बचत को रुपये जुटाने के लिए महिलाओं ने काम शुरू किया। पहले छोटी-छोटी बचत की फिर समूह को समृद्ध बनाया। बताया कि समूह की महिलाओं ने पहले मिट्टी के दीए बनाए। दीयों में रंग-रोगन कर उनकी बिक्री शुरू की।
बताया कि दीयों की बिक्री सीजनल होने से अचार बनाने और पैकिंग कर बिक्री का काम शुरू किया। आम, नींबू और मिक्स अचार तैयार किया। मांग बढ़ने पर बनाने की मात्रा को भी बढ़ाया गया। अचार की बिक्री से आमदनी भी होने लगी है जिससे समूह से जुड़ी 13 महिलाओं को रोजगार मिला है और आर्थिक रूप से समृद्ध भी हो रही हैं। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने बताया कि समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कराया जा रहा है।
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कोला गांव की सहेली राजपूत ने सोमवती और शकुंतला राजपूत के साथ मिलकर साल 2023 में स्वरोजगार स्थापित किए जाने का मन बनाया। उन महिलाओं ने गांव की और दस महिलाओं को जोड़कर समृद्धि आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह का गठन किया। सहेली राजपूत ने अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। बताया कि समूह से जुड़ी महिलाओं में बचत की आदत डाली गई। बचत को रुपये जुटाने के लिए महिलाओं ने काम शुरू किया। पहले छोटी-छोटी बचत की फिर समूह को समृद्ध बनाया। बताया कि समूह की महिलाओं ने पहले मिट्टी के दीए बनाए। दीयों में रंग-रोगन कर उनकी बिक्री शुरू की।
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बताया कि दीयों की बिक्री सीजनल होने से अचार बनाने और पैकिंग कर बिक्री का काम शुरू किया। आम, नींबू और मिक्स अचार तैयार किया। मांग बढ़ने पर बनाने की मात्रा को भी बढ़ाया गया। अचार की बिक्री से आमदनी भी होने लगी है जिससे समूह से जुड़ी 13 महिलाओं को रोजगार मिला है और आर्थिक रूप से समृद्ध भी हो रही हैं। सीडीओ सान्या छाबड़ा ने बताया कि समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कराया जा रहा है।
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