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Hardoi News: रामगंगा नदी में 1.75 मीटर पानी बढ़ा, गांवों के हालात और बिगड़ने की आशंका
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हरदोई। रामगंगा नदी में पानी बढ़ने से एक बार फिर से बाढ़ के हालात बिगड़ने की आशंका है। 24 घंटे में 1.75 मीटर पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र में पानी बढ़ेगा। गंगा नदी का पानी अभी भी खतरे के निशान 137.10 मीटर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। वहीं बाढ़ का पानी खेतों में भरने से फसलें खराब होने लगी हैं।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की तरफ से बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,29,603 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,43,514 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी 137.35 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 1.75 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रामगंगा नदी का पानी 135.75 मीटर से बढ़कर खतरे के निशान को पार करते हुए 137.50 मीटर पर फिर से आ गया है।
गर्रा नदी का पानी 128.26 मीटर पर बना हुआ है। सई नदी और भैंसटा नदी में भी बाढ़ आने से क्षेत्र के गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। भैंसटा नदी से तहसील सदर और सई नदी से तहसील संडीला के गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के पानी से सवायजपुर और बिलग्राम के गांव प्रभावित हैं।
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बिलग्राम क्षेत्र में करीब तीन सप्ताह से गंगा नदी की बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। दो सप्ताह तक 14 गांव के आसपास पानी भरा रहा। पानी भरने से फसलों पर बाढ़ का प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र में धान, मक्का और अन्य फसलों में भी पानी भर गया है। जिससे फसलें खराब हो गईं हैं। बाढ़ का पानी गांवों से निकलने के बाद चिरंजू पुरवा गांव में कटान बढ़ गया। बुधवार तक गांव के सात पक्के मकान और 41 झोपड़ियां बाढ़ के पानी से कट गईं। एसडीएम एन राम ने बताया कि नजर रखी जा रही है।
प्रभावित लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों को मदद भी दी जा रही है। अब तक किए गए आकलन में रामबिलास, चंपा, धरमू, संतराम, रामकुमार, विद्याराम, शिवमंगल, रामजी, रामचंद्र, देवकी, आशा, रामवती आदि के मकान व झोपड़ी बाढ़ के पानी से कट गए हैं।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में बाढ़ की स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की तरफ से बताया गया कि गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 1,29,603 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,43,514 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी 137.35 मीटर पर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 1.75 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रामगंगा नदी का पानी 135.75 मीटर से बढ़कर खतरे के निशान को पार करते हुए 137.50 मीटर पर फिर से आ गया है।
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गर्रा नदी का पानी 128.26 मीटर पर बना हुआ है। सई नदी और भैंसटा नदी में भी बाढ़ आने से क्षेत्र के गांवों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। भैंसटा नदी से तहसील सदर और सई नदी से तहसील संडीला के गांवों के किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों के पानी से सवायजपुर और बिलग्राम के गांव प्रभावित हैं।
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बिलग्राम क्षेत्र में करीब तीन सप्ताह से गंगा नदी की बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। दो सप्ताह तक 14 गांव के आसपास पानी भरा रहा। पानी भरने से फसलों पर बाढ़ का प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र में धान, मक्का और अन्य फसलों में भी पानी भर गया है। जिससे फसलें खराब हो गईं हैं। बाढ़ का पानी गांवों से निकलने के बाद चिरंजू पुरवा गांव में कटान बढ़ गया। बुधवार तक गांव के सात पक्के मकान और 41 झोपड़ियां बाढ़ के पानी से कट गईं। एसडीएम एन राम ने बताया कि नजर रखी जा रही है।
प्रभावित लोगों की सूची तैयार कराई जा रही है। प्रभावित परिवारों को मदद भी दी जा रही है। अब तक किए गए आकलन में रामबिलास, चंपा, धरमू, संतराम, रामकुमार, विद्याराम, शिवमंगल, रामजी, रामचंद्र, देवकी, आशा, रामवती आदि के मकान व झोपड़ी बाढ़ के पानी से कट गए हैं।