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Hardoi News: एक्सरे मशीन आए दो माह बीते, टेक्नीशियन की तैनाती अब तक नहीं
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फोटो- 21- सीएचसी सवायजपुर पर पोर्टेबल मशीन के बारे में जानकारी देते अभियंता। स्रोत: आर्काइव
हरदोई/सवायजपुर। क्षेत्र के मरीजों की सहूलियत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी पर एक्सरे मशीन भले ही लगा दी हो लेकिन मरीजों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। सीएचसी पर बीते दो माह से एक्सरे मशीन शोपीस बनी रखी हुई है। जिम्मेदारों ने न तो अभी तक टेक्नीशियन की तैनाती की न ही मशीन के लिए विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की।
सवायजपुर सीएचसी पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इसके अलावा सीएचसी कटरा बिल्हौर हाईवे से सटा होने की वजह से उपचार के लिए दिन भर मरीजों की भीड़ रहती है। इसमें तमाम मरीज दुर्घटना से संबंधित भी होते हैं। मरीजों की सहूलियत के लिए ही स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी सवायजपुर में पोर्टेबल एक्सरे मशीन की सौगात दी।
इसी साल जुलाई में सीएचसी पर मशीन पहुंच गई थी और कुछ दिन बाद चिकित्सक और सहायक को अभियंता ने एक्सरे मशीन चलाने का प्रशिक्षण भी दे दिया था। इसके बावजूद आज कई दिन बीत चुके हैं लेकिन मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि अभी सवायजपुर में टेक्नीशियन की तैनाती ही नहीं है। साथ ही मशीन को चलाने के लिए हाई वोल्टेज की जरूरत होती है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मशीन शोपीस बनी धूल फांक रही है और मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
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निजी सेंटरी या दूसरे जिले में करा रहे एक्सरे
सवायजपुर से फर्रुखाबाद जिले की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है जबकि जिला मुख्यालय 40 किलोमीटर दूर है। ऐसे में एक्सरे कराने के लिए मरीजों को या तो कस्बे के निजी सेंटर या गैर जनपद जाना पड़ता है। इसमें आर्थिक रूप से भी मरीजों को परेशान होना पड़ता है। स्थानीय निवासी गोवर्धन, मोहन और माया प्रकाश ने बताया कि अगर सीएचसी पर सुविधा दी गई है तो इसका लाभ भी मिलना चाहिए।
चंडीगढ़ से आए इंजीनियर ने एक्सरे मशीन को इंस्टॉल कर इसके बारे में जानकारी दे दी है। हालांकि, अभी अर्थिंग का काम रह गया है। उसे जल्द पूरा किया जाएगा। एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती अभी नहीं है डिमांड की गई है, डार्क रूम सहायक की तैनाती है। उन्हें प्रशिक्षित कर मशीन का संचालन कराया जाएगा। -डॉ. पराग कुमार, सीएचसी अधीक्षक
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सवायजपुर सीएचसी पर रोजाना बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इसके अलावा सीएचसी कटरा बिल्हौर हाईवे से सटा होने की वजह से उपचार के लिए दिन भर मरीजों की भीड़ रहती है। इसमें तमाम मरीज दुर्घटना से संबंधित भी होते हैं। मरीजों की सहूलियत के लिए ही स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी सवायजपुर में पोर्टेबल एक्सरे मशीन की सौगात दी।
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इसी साल जुलाई में सीएचसी पर मशीन पहुंच गई थी और कुछ दिन बाद चिकित्सक और सहायक को अभियंता ने एक्सरे मशीन चलाने का प्रशिक्षण भी दे दिया था। इसके बावजूद आज कई दिन बीत चुके हैं लेकिन मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है कि अभी सवायजपुर में टेक्नीशियन की तैनाती ही नहीं है। साथ ही मशीन को चलाने के लिए हाई वोल्टेज की जरूरत होती है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते मशीन शोपीस बनी धूल फांक रही है और मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
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निजी सेंटरी या दूसरे जिले में करा रहे एक्सरे
सवायजपुर से फर्रुखाबाद जिले की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है जबकि जिला मुख्यालय 40 किलोमीटर दूर है। ऐसे में एक्सरे कराने के लिए मरीजों को या तो कस्बे के निजी सेंटर या गैर जनपद जाना पड़ता है। इसमें आर्थिक रूप से भी मरीजों को परेशान होना पड़ता है। स्थानीय निवासी गोवर्धन, मोहन और माया प्रकाश ने बताया कि अगर सीएचसी पर सुविधा दी गई है तो इसका लाभ भी मिलना चाहिए।
चंडीगढ़ से आए इंजीनियर ने एक्सरे मशीन को इंस्टॉल कर इसके बारे में जानकारी दे दी है। हालांकि, अभी अर्थिंग का काम रह गया है। उसे जल्द पूरा किया जाएगा। एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती अभी नहीं है डिमांड की गई है, डार्क रूम सहायक की तैनाती है। उन्हें प्रशिक्षित कर मशीन का संचालन कराया जाएगा। -डॉ. पराग कुमार, सीएचसी अधीक्षक