{"_id":"68b9d064b502ccd6c10d5df4","slug":"two-accused-sentenced-to-two-years-each-in-28-year-old-molestation-case-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-136853-2025-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: छेड़खानी के 28 साल पुराने मामले में दो अभियुक्तों को दो-दो साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: छेड़खानी के 28 साल पुराने मामले में दो अभियुक्तों को दो-दो साल की सजा
विज्ञापन
हरदोई। महिला से छेड़छाड़ के 28 साल पुराने मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या तीन अनुराग यादव ने अभियुक्तों को दो साल की सजा सुनाई। साथ ही एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर एक एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने आठ अप्रैल 1997 को मल्लावां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि सात अप्रैल 1997 को दिन में करीब 11 बजे महिला गांव के बाहर स्थित तालाब के पास मौजूद पति को बुलाने गई थी। बुलाने के बाद अकेले घर आ रही थी।
इसी बीच गांव निवासी विजय हंस और सुधीर रैदास मिल गए। उसे पकड़ लिया और पास ही स्थित विजय के कमरे पर ले गए। वहां छेड़खानी करने लगा। इसी दौरान विजय ने कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। शोर करने पर विजय ने दरवाजे की कुंडी खोल दी और दोनों लोग मौके से भाग गए। अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने आठ अप्रैल 1997 को मल्लावां कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि सात अप्रैल 1997 को दिन में करीब 11 बजे महिला गांव के बाहर स्थित तालाब के पास मौजूद पति को बुलाने गई थी। बुलाने के बाद अकेले घर आ रही थी।
विज्ञापन
इसी बीच गांव निवासी विजय हंस और सुधीर रैदास मिल गए। उसे पकड़ लिया और पास ही स्थित विजय के कमरे पर ले गए। वहां छेड़खानी करने लगा। इसी दौरान विजय ने कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। शोर करने पर विजय ने दरवाजे की कुंडी खोल दी और दोनों लोग मौके से भाग गए। अभियोजन पक्ष की ओर से तीन गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सजा सुनाई।
विज्ञापन