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Hardoi News: बस से फेंककर युवक की हत्या करने में तीन को आजीवन कारावास

Tue, 26 Aug 2025 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 11:43 PM IST
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Three sentenced to life imprisonment for killing a youth by throwing him off a bus
हरदोई। युवक की हत्या करने व उसके दो साथियों की हत्या करने के प्रयास के तीन आरोपियों को दोषियों करार देते हुए अपर जिला जज कोर्ट संख्या एक कुसुमलता ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जुर्माने की आधी रकम वादी मुकदमा व दो चोटिल साथियों को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए हैं।
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हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के सुभौआपुर रोशनपुर निवासी रामनिवास ने 22 जून 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 21 जून 2012 उसका पुत्र गौरव मर्चेंट नेवी में ज्वाइनिंग करने के लिए दिल्ली जा रहा था। उसके साथ गांव के अतुल कुमार व राघवेंद्र भी दिल्ली जा रहे थे। रोडवेज बस न मिलने के कारण शेखपुरा गांव में तीनों प्राइवेट बस में बैठे। बस लोनार कोतवाली क्षेत्र के वृंदावन गांव निवासी रैटू उर्फ पुष्पेंद्र चला रहा था।
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इसी बस में सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के बरसोहिया गांव निवासी अनिल कुमार सिंह और धर्मेंद्र कुमार सिंह हेल्पर और कंडक्टर थे। ड्राइवर ने शेखपुरा से बस ले जाकर सवायजपुर में एक शराब के ठेके के पास खड़ी कर दी। इसके बाद तीनों ठेके पर शराब पीने लगे। शराब पीने के बाद ड्राइवर ने बस दोबारा सवायजपुर से हरपालपुर की तरफ मोड़ दी। कुछ दूर चलने के बाद सहिजना गांव के पास बस रोक दी। गौरव और उसके दोस्तों ने इस बात का विरोध किया तो तीनों ने उसके साथ मारपीट की और गौरव के बैग में रखे दो लाख रुपये भी छीन लिए। इसके बाद तीनों को बस से नीचे फेंक दिया था। गौरव की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि अन्य दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत गंभीर होने पर दोनों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था।
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अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 22 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राकेश वाजपेयी ने पैरवी की। दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपियों के अधिवक्ता त्रिलोकी सिंह गौर ने कहा कि तीनों को निर्दोष फंसाया गया है। उक्त आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
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