{"_id":"68a60da07ffb12b31d03e685","slug":"thieves-broke-into-the-registry-office-between-the-dm-and-sp-offices-hardoi-news-c-12-1-knp1086-1234801-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: डीएम और एसपी कार्यालय के बीच रजिस्ट्री कार्यालय में चोरों ने लगाई सेंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: डीएम और एसपी कार्यालय के बीच रजिस्ट्री कार्यालय में चोरों ने लगाई सेंध
विज्ञापन
हरदोई। शहर में डीएम और एसपी कार्यालय के बीच स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में मंगलवार रात चोरों ने सेंध लगा दी। मुआयना कक्ष में घुसे चोरों ने रिकॉर्ड रूम समेत कई कमरों के ताले तोड़कर अलमारियां खंगालीं।
यहां की तिजोरी तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।
कलेक्ट्रेट परिसर के आखिरी छोर पर रजिस्ट्री कार्यालय है। रोज की तरह बुधवार सुबह सभी कर्मचारी साढ़े नौ बजे कार्यालय पहुंच गए थे। कार्यालय लिपिक विपिन कुमार के मुताबिक उन्होंने कार्यालय खुलवाया। इसके बाद सभी लोग अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए। इसी दौरान मुआयना कक्ष की दीवार में सेंध नजर आई। इसकी जानकारी सब रजिस्ट्रार अखिलेश प्रताप सिंह और पुलिस को दी गई। सब रजिस्ट्रार के साथ ही एएसपी पूर्वी नृपेंद्र और सीओ सिटी अंकित मिश्रा मौके पर पहुंच गए। रिकॉर्ड रूम के साथ ही अन्य कक्षों के भी ताले टूटे मिले। रिकॉर्ड रूम में रखी तिजोरी को भी तोड़ने का प्रयास किया गया था।
सीओ सिटी के मुताबिक चोरों ने घटना करने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ ले नहीं जा पाए। आस पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। सब रजिस्ट्रार अखिलेश प्रताप सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
कहीं कोई जरूरी अभिलेख तो नहीं लेने आए थे चोर
लिपिक विपिन कुमार ने बताया कि चोरों ने मुआयना कक्ष में सेंध लगाई है। इसमें गाटा संख्या, नकल-सवाल, भार मुक्त संबंधित अभिलेख रखे हैं। जिन लोगों की रजिस्ट्री खो जाती है। वह लोग दूसरी रजिस्ट्री के लिए आवेदन करते हैं। इसी कक्ष में उनकी रजिस्ट्री से जुड़े कागजात रखे जाते हैं।
इन स्थितियों में रखी जाती है तिजोरी में नकदी
लिपिक के मुताबिक रजिस्ट्री के लिए शुल्क निर्धारित है। उस हिसाब से प्रत्येक दिन औसतन ढाई से तीन लाख रुपये नकद आते हैं। इसको रोज बैंक में जमा भी करा दिया जाता है। माह के द्वितीय शनिवार, कोई त्यौहार या बैंक में सर्वर डाउन है तो कैश कार्यालय में स्थित तिजोरी में रख देते हैं। सोमवार और मंगलवार को कोई छुट्टी नहीं थी।
कुर्सी टेबिल पर रख गए चोर
जिस कक्ष से चोरों ने प्रवेश किया। वह कक्ष छोटा है। वहां दो टेबिल पर तीन कुर्सियां रखी मिलीं। कचेहरी में लोग चर्चा करते रहे कि चोर शायद ज्यादा संख्या में होंगे। इसलिए निकलने में दिक्क्त हो रही होगी। इसलिए कुर्सियां टेबिल पर रख दीं।
विज्ञापन
यहां की तिजोरी तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।
कलेक्ट्रेट परिसर के आखिरी छोर पर रजिस्ट्री कार्यालय है। रोज की तरह बुधवार सुबह सभी कर्मचारी साढ़े नौ बजे कार्यालय पहुंच गए थे। कार्यालय लिपिक विपिन कुमार के मुताबिक उन्होंने कार्यालय खुलवाया। इसके बाद सभी लोग अपनी-अपनी सीट पर बैठ गए। इसी दौरान मुआयना कक्ष की दीवार में सेंध नजर आई। इसकी जानकारी सब रजिस्ट्रार अखिलेश प्रताप सिंह और पुलिस को दी गई। सब रजिस्ट्रार के साथ ही एएसपी पूर्वी नृपेंद्र और सीओ सिटी अंकित मिश्रा मौके पर पहुंच गए। रिकॉर्ड रूम के साथ ही अन्य कक्षों के भी ताले टूटे मिले। रिकॉर्ड रूम में रखी तिजोरी को भी तोड़ने का प्रयास किया गया था।
विज्ञापन
सीओ सिटी के मुताबिक चोरों ने घटना करने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ ले नहीं जा पाए। आस पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। सब रजिस्ट्रार अखिलेश प्रताप सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
कहीं कोई जरूरी अभिलेख तो नहीं लेने आए थे चोर
लिपिक विपिन कुमार ने बताया कि चोरों ने मुआयना कक्ष में सेंध लगाई है। इसमें गाटा संख्या, नकल-सवाल, भार मुक्त संबंधित अभिलेख रखे हैं। जिन लोगों की रजिस्ट्री खो जाती है। वह लोग दूसरी रजिस्ट्री के लिए आवेदन करते हैं। इसी कक्ष में उनकी रजिस्ट्री से जुड़े कागजात रखे जाते हैं।
इन स्थितियों में रखी जाती है तिजोरी में नकदी
लिपिक के मुताबिक रजिस्ट्री के लिए शुल्क निर्धारित है। उस हिसाब से प्रत्येक दिन औसतन ढाई से तीन लाख रुपये नकद आते हैं। इसको रोज बैंक में जमा भी करा दिया जाता है। माह के द्वितीय शनिवार, कोई त्यौहार या बैंक में सर्वर डाउन है तो कैश कार्यालय में स्थित तिजोरी में रख देते हैं। सोमवार और मंगलवार को कोई छुट्टी नहीं थी।
कुर्सी टेबिल पर रख गए चोर
जिस कक्ष से चोरों ने प्रवेश किया। वह कक्ष छोटा है। वहां दो टेबिल पर तीन कुर्सियां रखी मिलीं। कचेहरी में लोग चर्चा करते रहे कि चोर शायद ज्यादा संख्या में होंगे। इसलिए निकलने में दिक्क्त हो रही होगी। इसलिए कुर्सियां टेबिल पर रख दीं।