{"_id":"6ad26604ae307d9c8f0e2c8a","slug":"the-journey-home-for-the-holidays-is-proving-difficult-long-waiting-lists-for-trains-have-added-to-the-anxiety-hardoi-news-c-213-1-hra1004-158592-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: त्योहार पर घर जाने की राह मुश्किल, ट्रेनों में वेटिंग ने बढ़ाई बेचैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: त्योहार पर घर जाने की राह मुश्किल, ट्रेनों में वेटिंग ने बढ़ाई बेचैनी
विज्ञापन
हरदोई। त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है। नियमित ट्रेनों में आरक्षण की सीटें फुल हो चुकी हैं, वहीं त्योहार के आसपास के दिनों में ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची 100 के पार हो चुकी है। वेटिंग टिकटों की लंबी सूची ने घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। तत्काल में भी यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। आने वाले दिनों में समस्या बढ़ने ही वाली है।
त्योहार पर दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले लोग घर लौटने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में दिल्ली, पंजाब और अन्य प्रमुख शहरों से आने वाली ट्रेनों में आरक्षण सीटों की मांग बढ़ गई है। स्थिति यह है कि भले ही अभी दिवाली और छठ पूजा को एक माह का समय है लेकिन त्योहार के आसपास के दिनों में ट्रेनों में आरक्षण समाप्त हो गया है और प्रतीक्षा सूची भी काफी लंबी हो गई है। अकेले दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में ट्रेन 15910 अवध असम के स्लीपर श्रेणी में आठ नवंबर तक आरक्षण नहीं है।
प्रतीक्षा सूची 131 के ऊपर है। वहीं थर्ड एसी में 71 के ऊपर प्रतीक्षा सूची व त्योहार के दिनों में नो-रूम हो गया है। यही हाल ट्रेन 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस का है। जबकि ट्रेन 14008 सद्भावना एक्सप्रेस में तो 200 के ऊपर स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची है। वहीं एसी श्रेणियों में नो-रूम आ गया है। पद्मावत एक्सप्रेस और लखनऊ मेल में भी यही स्थिति है। सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए ट्रेनें चलाई गई हैं लेकिन भीड़ अधिक होने से आरक्षण मिलना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विशेष ट्रेनों में भी फुल हुईं सीटें
भीड़ का आलम यह है कि त्योहार पर चलाई गई विशेष ट्रेन में भी आरक्षण फुल हो गए हैं। दिल्ली से बनारस के बीच चलाई गई विशेष ट्रेन 04210 में स्लीपर श्रेणी में एक से सात नवंबर तक 239 तक प्रतीक्षा सूची है जबकि उसके बाद भी 75 तक प्रतीक्षा सूची नजर आ रही है। वहीं एसी की श्रेणी में पांच और सात नवंबर के नो-रूम हो गया है और अन्य दिनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है।
विज्ञापन
त्योहार पर दूसरे शहरों में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई करने वाले लोग घर लौटने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में दिल्ली, पंजाब और अन्य प्रमुख शहरों से आने वाली ट्रेनों में आरक्षण सीटों की मांग बढ़ गई है। स्थिति यह है कि भले ही अभी दिवाली और छठ पूजा को एक माह का समय है लेकिन त्योहार के आसपास के दिनों में ट्रेनों में आरक्षण समाप्त हो गया है और प्रतीक्षा सूची भी काफी लंबी हो गई है। अकेले दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में ट्रेन 15910 अवध असम के स्लीपर श्रेणी में आठ नवंबर तक आरक्षण नहीं है।
विज्ञापन
प्रतीक्षा सूची 131 के ऊपर है। वहीं थर्ड एसी में 71 के ऊपर प्रतीक्षा सूची व त्योहार के दिनों में नो-रूम हो गया है। यही हाल ट्रेन 15128 काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस का है। जबकि ट्रेन 14008 सद्भावना एक्सप्रेस में तो 200 के ऊपर स्लीपर श्रेणी की प्रतीक्षा सूची है। वहीं एसी श्रेणियों में नो-रूम आ गया है। पद्मावत एक्सप्रेस और लखनऊ मेल में भी यही स्थिति है। सीएमआई अंबुज मिश्रा ने बताया कि यात्रियों की सहूलियत के लिए ट्रेनें चलाई गई हैं लेकिन भीड़ अधिक होने से आरक्षण मिलना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
विशेष ट्रेनों में भी फुल हुईं सीटें
भीड़ का आलम यह है कि त्योहार पर चलाई गई विशेष ट्रेन में भी आरक्षण फुल हो गए हैं। दिल्ली से बनारस के बीच चलाई गई विशेष ट्रेन 04210 में स्लीपर श्रेणी में एक से सात नवंबर तक 239 तक प्रतीक्षा सूची है जबकि उसके बाद भी 75 तक प्रतीक्षा सूची नजर आ रही है। वहीं एसी की श्रेणी में पांच और सात नवंबर के नो-रूम हो गया है और अन्य दिनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है।