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Hardoi News: अचानक कार्यालय पहुंचे निलंबित बीएसए, पुलिस आने की भनक पर 11 मिनट में ही निकले

Sat, 04 Jul 2026 11:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 11:04 PM IST
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Suspended BSA makes surprise visit to office; leaves within just 11 minutes upon getting wind of police arrival.of police arrival.
फोटो-24- बीएसए कक्ष में लिपिक से बातचीत करते निलंबित बी
हरदोई। निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह शनिवार शाम अचानक अपने कार्यालय पहुंचे। यहां लगभग 11 मिनट रुकने के दौरान उन्होंने भरखनी के खंड शिक्षा अधिकारी समेत चार कर्मचारियों से बातचीत की। इसके बाद सीयूजी सिम डिस्पैचर को रिसीव करा दिया। इस सबके बीच पुलिस आने की भनक लगते ही डॉ. अजीत मौके से चले गए। इसके बाद काफी देर तक उन्हें हिरासत में लिए जाने की चर्चा होती रही लेकिन पुलिस ने इससे साफ इन्कार किया।
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भ्रष्टाचार और विभिन्न अनियमितताओं में घिरने के कारण जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर बीते बृहस्पतिवार को डॉ. अजित सिंह को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के बाद उन्हें निदेशालय संबद्ध किया गया था। इससे पहले 18 जून की रात से डॉ. अजित अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। 19 जून को उनके खिलाफ पांच लाख रुपये मांगने और दो लाख रुपये वसूलने के आरोप में शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वह शासन से लेकर सरकार तक में अपनी पहुंच बनाने और उसका एहसास कराने में लगे थे।
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हालांकि यह सब काम नहीं आया। शनिवार शाम लगभग चार बजे वह एक प्राइवेट कार से कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में वह अपने कक्ष में गए लेकिन अपनी कुर्सी पर नहीं बैठे। यहां उन्होंने एक एप्लीकेशन के साथ सीयूजी सिम डिस्पैचर को रिसीव कराया। कार्यालय कक्ष में ही भरखनी के खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह, कनिष्ठ लिपिक मधुरपाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्पित और मिड-डे मील के जिला समन्वयक मयंक त्रिपाठी से उन्होंने मुलाकात कर बातचीत की। सबसे ज्यादा समय उन्होंने डॉ. सुनील सिंह के साथ ही गुजारा। इस बीच पुलिस आने की भनक पर डॉ. अजित सिंह कार्यालय से चले गए।
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डायट प्राचार्य और एसडीएम के पहुंचने से पहले निकल गए अजित
निलंबित बीएसए के कार्यालय पहुंचने की जानकारी पर एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रमेंद्र सिंह भी कार्यालय पहुंच गए। दोनों के पहुंचने से पहले ही अजित कार्यालय से निकल गए। इस पर दोनों अधिकारियों ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इन फुटेज के मुताबिक लगभग 11 मिनट तक बीएसए कार्याय में रहे। फुटेज में वह भरखनी के बीईओ व कुछ कर्मचारियेां से बातचीत करते नजर आ रहे हैं।


गिरफ्तारी पर न्यायालय ने दे रखा है स्टे
निलंबित बीएसए डॉ. अजित ने भ्रष्टाचार के आरोप में दर्ज कराई गई प्राथमिकी को खत्म कराने के लिए हाईकोर्ट में वाद दर्ज कराया था। दो बार की सुनवाई के बाद प्राथमिकी खत्म करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ लेकिन गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई। मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को है। इससे इतर महत्वपूर्ण बात यह भी है कि भ्रष्टाचार की जिन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है उनमें तीन से सात साल तक की ही सजा है।



आरोप पत्र में बढ़ाया गया था सीयूजी के दुरुपयोग का मामला
18 जून की रात से डॉ. अजित सिंह कार्यालय नहीं पहुंच रहे थे। उनके पास बीएसए का सीयूजी सिम था। इसी सिम का इस्तेमाल वह विभिन्न लोगों से बातचीत करने में कर रहे थे। इतना ही नहीं कई पत्र भी उन्होंने सीयूजी से ही विभिन्न लोगों को भेजने के साथ व्हाट्सएप पर भी वायरल किए। सीयूजी सिम वापस न करने को लेकर भी उनके खिलाफ आरोप पत्र भेजा गया था। माना जा रहा था कि इसी के चलते वह सिम वापस करने आए थे।
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